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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:21 · नई दिल्ली संस्करण

खड़गपुर महकमा अस्पताल में हंगामा, इलाज में लापरवाही के आरोप पर तोड़फोड़

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
खड़गपुर महकमा अस्पताल में हंगामा, इलाज में लापरवाही के आरोप पर तोड़फोड़

खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर महकमा अस्पताल में रविवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक प्रसूति महिला के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। आक्रोशित लोगों ने वॉर्ड मास्टर के कार्यालय में घुसकर फर्नीचर और सरकारी दस्तावेजों में तोड़फोड़ की।प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनामुखी इलाके की निवासी पायल राय को प्रसव पीड़ा के बाद 26 जनवरी को खड़गपुर महकुमा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 27 जनवरी को सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि सामान्यतः सिजेरियन के बाद 4–5 दिनों में मरीज को छुट्टी दे दी जाती है, लेकिन पायल राय को लगभग 12 दिनों तक अस्पताल में रोके रखा गया।परिजनों का यह भी आरोप है कि ऑपरेशन के टांकों में गंभीर संक्रमण हो गया था, जिसकी जानकारी उन्हें समय रहते नहीं दी गई। इलाज में देरी और स्पष्ट जानकारी न मिलने से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा रविवार शाम को भड़क उठा, जिसके बाद अस्पताल के प्रशासनिक हिस्से में जमकर तोड़फोड़ की गई।घटना की सूचना मिलते ही खड़गपुर टाउन थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को सख्ती भी बरतनी पड़ी। फिलहाल अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात है।इस संबंध में रोगी कल्याण समिति की अध्यक्ष हेमा चौबे ने बताया कि मरीज को संक्रमण की वजह से चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया था और उसका इलाज लगातार चल रहा था। उन्होंने कहा कि बिना किसी जानकारी के सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है।अस्पताल प्रबंधन की ओर से मरीज के पति राहुल राय सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ खड़गपुर टाउन थाने में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।वहीं, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमओएच) डॉ. सौम्यशंकर षड़ंगी ने इलाज में लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला मरीज के परिजनों और अस्पताल के बीच संवाद की कमी का परिणाम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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