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शनिवार, 7 नवंबर 2026 · रात 9:16 · नई दिल्ली संस्करण

कालकाजी गैंगरेप केस: दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, 500 पेज की चार्जशीट से फंसे तीनों आरोपी

दिल्ली पुलिस कालकाजी आस्था कुंज पार्क गैंगरेप केस में एक हफ्ते में 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल करेगी। 75 पन्नों के ऑपरेटिव पार्ट में पीड़िता और उसके दोस्त समेत 60 गवाहों के बयान और 50 दस्तावेज होंगे। 300 से ज्यादा CCTV कैमरों की टाइम-स्टैम्प्ड फुटेज, CFSL फॉरेंसिक रिपोर्ट और TIP को सबूत बनाया गया है। 22 सितंबर को जन्मदिन पर मंदिर गई 17 साल की लड़की से पार्क में वारदात हुई थी। आसिफ, हेमंत और महेश जेल में हैं। केस में BNS और POCSO की गंभीर धाराएं लगी हैं।

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
कालकाजी गैंगरेप केस: दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, 500 पेज की चार्जशीट से फंसे तीनों आरोपी

दिल्ली के कालकाजी में आस्था कुंज पार्क में नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में मजबूत केस पेश करने की पूरी तैयारी कर ली है। पुलिस अगले एक सप्ताह के भीतर 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर सकती है। जांच अधिकारियों का कहना है कि इस बार कोई भी कसर नहीं छोड़ी गई है। टाइम-स्टैम्प्ड सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक सबूत, गवाहों के बयान और टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड को मिलाकर एक ऐसी चेन बनाई गई है, जिससे आरोपियों का बचना मुश्किल हो।



एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, चार्जशीट का ऑपरेटिव पार्ट ही करीब 75 पन्नों का है। इसमें पीड़िता और उसके पुरुष मित्र सहित लगभग 60 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। इसके अलावा फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सहित करीब 50 दस्तावेज भी चार्जशीट का हिस्सा होंगे। मामले की निगरानी दिल्ली पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी खुद कर रहे हैं और केस की प्रभावी पैरवी के लिए एक स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति भी की गई है। पुलिस का लक्ष्य सिर्फ चार्जशीट दाखिल करना नहीं, बल्कि फास्ट ट्रैक ट्रायल में जल्द से जल्द सजा दिलाना है।



जांच में सबसे बड़ी ताकत सीसीटीवी फुटेज को माना जा रहा है। पुलिस ने आस्था कुंज पार्क और आसपास के इलाकों में लगे 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें तीनों आरोपियों के पार्क में पहुंचने, एक आरोपी के मोटरसाइकिल पर आने और बाद में अपने-अपने घर लौटने तक की पूरी मूवमेंट टाइम-स्टैम्प के साथ कैद हुई है। चार्जशीट में इन फुटेज के स्क्रीनशॉट और वीडियो ग्रैब्स भी शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने मौके से जुटाए गए वैज्ञानिक सबूत, आरोपियों के कपड़े और टीआईपी कार्यवाही के रिकॉर्ड भी सबूत के तौर पर शामिल हैं। 



पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने अपनी चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी। उसे रिकवर करने की कोशिश जारी है। पुलिस का मानना है कि डिजिटल सबूतों से साजिश को और पुख्ता किया जा सकेगा। यह वारदात 22 सितंबर को हुई थी। 17 साल की लड़की अपने जन्मदिन पर अपने 17 साल के दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर गई थी। मंदिर से लौटते समय आस्था कुंज पार्क में तीन आरोपियों ने उन्हें रोका। आरोप है कि दोस्त को डराकर अलग किया गया और लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी। 



पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों आसिफ, हेमंत और महेश को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल तीनों न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2) सामूहिक दुष्कर्म, 61(2) आपराधिक साजिश, 115(2) स्वेच्छा से चोट पहुंचाना और 351(3) आपराधिक धमकी के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और 17 के तहत मामला दर्ज किया है। पॉक्सो एक्ट की धारा 6 गंभीर प्रवेशन यौन हमले से जुड़ी है, जिसमें सख्त सजा का प्रावधान है।



इस केस ने दिल्ली में पार्कों और सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए थे। पुलिस का कहना है कि 500 पन्नों की यह चार्जशीट सिर्फ कागजों का ढेर नहीं है, बल्कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए तैयार किया गया एक मजबूत कानूनी दस्तावेज है। अब सबकी नजर कोर्ट पर है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद ट्रायल कितनी तेजी से चलता है और पीड़िता को कब न्याय मिलता है।

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