प. बंगाल: ज्योतिप्रिय मलिक पर गिरी राशन घोटाले की गाज, मंत्री पद से छुट्टी
कोलकाता,
17 फरवरी । पश्चिम बंगाल सरकार ने करोड़ों रुपये के राशन वितरण
भ्रष्टाचार मामले में संलिप्तता के आरोप में जेल में बंद ज्योतिप्रिय मलिक
को वन मंत्री के पद से हटा दिया है। उनकी जगह यह विभाग बीरबाहा हांसदा को
दिया गया है। हांसदा वन एवं स्वयं सहायता-स्वरोजगार समूह (स्वतंत्र प्रभार)
राज्य मंत्री हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मलिक का एक अन्य
विभाग सार्वजनिक उद्यम एवं औद्योगिक पुनर्निर्माण पार्थ भौमिक को सौंपा
गया है। भौमिक सिंचाई एवं जलमार्ग विभाग के प्रभारी मंत्री हैं। अधिकारी ने
बताया कि यह फैसला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सलाह के मुताबिक लिया गया
है।
राजभवन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल सीवी आनंद
बोस ने संविधान के अनुच्छेद 166(3) के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए
मलिक को तत्काल प्रभाव से मंत्री के रूप में उनके कर्तव्यों से मुक्त कर
दिया है। पिछले साल अक्टूबर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित घोटाला
मामले में धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत मलिक को गिरफ्तार किया था। उसके
बाद से वह जेल में बंद है।





