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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:39 · नई दिल्ली संस्करण

झामुमो ने राज्यपाल पर साधा निशाना

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

रांची,

25 जनवरी । झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो ) ने राज्यपाल के

आर्यभट्ट सभागार में दिये गये बयान पर जमकर निशाना साधा है। खासकर उनके उस

बयान को लेकर जिसमें उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार की ओर से

सीआरपीएफ के खिलाफ की गयी प्राथमिकी गलत है। झामुमो के महासचिव सुप्रियो

भट्टाचार्य ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते राज्यपाल सीपी

राधाकृष्णन से कई सवाल भी पूछे हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के वक्तव्य

को हमारी पार्टी अप्रत्याशित एवं अनावश्यक समझती है। उनकी जो भी

व्याकुलताएं हैं, वो सार्वजनिक मंच पर नहीं, प्रक्रियागत व्यक्त करें। नहीं

तो यह समझा जाएगा कि यह बयान राजनैतिक उद्देश्य प्रेरित है, जो कठोर

निन्दनिय है।

उन्होंने कहा कि कार्यपालिका में यह स्पष्ट है कि किसी

भी राज्य में प्राकृतिक आपदाएं, आपातकिालिन स्थिति या कानून व्यवस्था के

बिगड़ने पर स्थानिय जिला के जिला दण्डाधिकारी द्वारा भारत सरकार के

अर्द्धसैनिक बल, सैन्य बल तथा एनडीआरएफ की मांग की जाती है तथा स्पष्टतः

संख्या बल भी बताया जाता है, जिसमें यूनिट, कम्पनी एवं बटालियन की मांग

होती है।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल को यह भी ज्ञात है कि इस राज्य

के एक विशेष राजनैतिक दल के कार्यकर्त्ता समाज विरोधी, साम्प्रदाय विरोधी

एवं अपराधीक प्रवृति के लोग होते हैं, जिनकी पहचान समाज को होता है, और

इसलिए वह मतदान के समय उसे शासन से दुर रखता है।

उन्होंने कहा कि

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के द्वारा 20 जनवरी को सीआरपीएफ की उपस्थिति के

संबंध में जो आधिकारिक एवं सार्वजनिक बयान दिये गये, उन्हीं शब्दों का

उपयोग हिन्दी भाषा की जगह अंग्रेजी भाषा में राज्यपाल द्वारा गुरुवार को

किया गया।

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