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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:24 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंडः बोकारो में हाथियों के हमले में एक ही परिवार के तीन की मौत, दो घायल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
झारखंडः बोकारो में हाथियों के हमले में एक ही परिवार के तीन की मौत, दो घायल

बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले में हाथियों के झुंड ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को कुचलकर मार डाला, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना गोमिया प्रखंड के बड़कीपुन्नू गांव की है, जहां गुरुवार तड़के हाथियों के अचानक हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड बुधवार शाम करीब सात बजे गांव में घुस आया था। उस वक्त ग्रामीणों ने किसी तरह शोरगुल कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ दिया। हालांकि, खतरा टला नहीं। गुरुवार तड़के करीब तीन बजे हाथियों का वही झुंड दोबारा गांव में दाखिल हुआ और उत्पात मचाना शुरू कर दिया।

इसी दौरान हाथियों ने एक ही करमाली परिवार के तीन सदस्यों दो महिलाओं और एक पुरुष को पटककर कुचल दिया, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान गंगा करमाली, कमली देवी और भगिया देवी के रूप में की गई है।

हमले में घायल दो अन्य परिजनों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।

अचानक हुई इस घटना से बड़कीपुन्नू गांव के लोग बुरी तरह सहमे हुए हैं। एक साथ तीन लोगों की दर्दनाक मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि बीते 25 जनवरी को भी गोमिया प्रखंड के सुदूरवर्ती दरहाबेड़ा गांव में हाथियों के कुचलने से करमचंद सोरेन की मौत हो गई थी।

उस घटना पर राज्य सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने संज्ञान लेते हुए वन विभाग को हाथियों के उत्पात पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद हालिया घटना ने वन विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड में जनवरी से अब तक हाथियों के हमले में 18 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं ने राज्य में मानव–हाथी संघर्ष को एक गंभीर चुनौती बना दिया है, जिससे निपटने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग तेज हो गई है।

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