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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:32 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में मानवाधिकार और निशक्तता आयोग की नियुक्तियों पर सरकार से मांगा जवाब

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में मानवाधिकार और निशक्तता आयोग की नियुक्तियों पर सरकार से मांगा जवाब

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में लोकायुक्त और राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की मांग वाली जनहित याचिकाओं को निष्पादित कर दिया है।

हालांकि, कोर्ट ने राज्य मानवाधिकार आयोग और राज्य निशक्तता आयोग के अध्यक्षों के खाली पदों पर सरकार से जवाब तलब किया है।

राज्य में संवैधानिक संस्थाओं में नियुक्ति से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि सरकार ने रिटायर्ड जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता को राज्य का नया लोकायुक्त नियुक्त कर लिया है।

इस पर अदालत ने साफ किया कि अब चूंकि लोकायुक्त की नियुक्ति हो चुकी है और मुख्य सूचना आयुक्त व सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के मामलों की निगरानी खुद सुप्रीम कोर्ट कर रहा है, इसलिए अब इन मामलों पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी रखने का कोई औचित्य नहीं रह गया है। अदालत ने अगली सुनवाई के दौरान राज्य मानवाधिकार आयोग और राज्य निशक्तता आयोग के अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर सरकार से स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है।

अदालत ने सरकार से पूछा है कि इन पदों को भरने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और चयन प्रक्रिया किस स्तर पर है।

गौरतलब है कि राजकुमार की अवमानना याचिका सहित अन्य याचिकाओं में यह मुद्दा उठाया गया था कि झारखंड की करीब 12 संवैधानिक संस्थाओं में अध्यक्ष और सदस्यों के पद पिछले 3 से 5 वर्षों से खाली पड़े हैं। प्रार्थियों का तर्क था कि इन महत्वपूर्ण पदों के खाली रहने से राज्य की न्याय और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पिछली सुनवाई में सरकार ने आश्वासन दिया था कि नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है, जिसके बाद लोकायुक्त की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ।

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