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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:44 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड हाईकोर्ट का फैसला, ACF-FRO परीक्षा रद्द करने के आदेश पर रोक से इनकार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
झारखंड हाईकोर्ट का फैसला, ACF-FRO परीक्षा रद्द करने के आदेश पर रोक से इनकार

रांची। झारखंड में असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (एसीएफ) और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (एफआरओ) की वर्ष 2024 से चल रही नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने फिलहाल नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के सरकार के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल परीक्षा, जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सर्विस परीक्षा, फूड सिक्योरिटी ऑफिसर्स और सीडीपीओ परीक्षा के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया था। इन मामलों में हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर रोक लगाई है।

इसी आधार पर याचिकाकर्ताओं ने एसीएफ और एफआरओ की नियुक्ति प्रक्रिया (परीक्षा) रद्द करने के फैसले पर भी रोक लगाने का आग्रह किया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी कहा गया कि यदि सरकार नई नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी करती है तो इससे पहले से परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों के हित प्रभावित होंगे। इस पर अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति आने पर याचिकाकर्ता हस्तक्षेप याचिका यानी आईए दाखिल कर सकते हैं।

अदालत ने मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहातश्य राय ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। दरअसल, राज्य सरकार ने सीआईडी की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर 18 अगस्त की देर रात कई नियुक्ति परीक्षाओं और प्रक्रियाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया था।

सरकार ने उन परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिनके आयोजन में टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड यानी टीडीपीएल की भूमिका रही थी। सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक हुई विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ियों की जांच कराने की भी घोषणा की थी।

इसके बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से संबंधित अधिसूचनाएं जारी की गईं।

अधिसूचना के अनुसार 22 परीक्षाओं को रद्द किया गया है, जबकि छह परीक्षाओं की नियुक्ति प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित किया गया है। इसके अलावा 17 परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को जांच के दायरे में रखा गया है।

एसीएफ और एफआरओ नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर दायर याचिकाओं पर हाईकोर्ट के सोमवार के आदेश के बाद अब राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करना होगा।

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