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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:24 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड में बिना नक्शा बने मकानों को नियमित कराने के लिए सरकार ने लॉन्च किया ऑनलाइन पोर्टल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
झारखंड में बिना नक्शा बने मकानों को नियमित कराने के लिए सरकार ने लॉन्च किया ऑनलाइन पोर्टल

रांची। झारखंड सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में बिना स्वीकृत नक्शे के बने मकानों और भवनों को नियमित कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर विकास मंत्री सुदिव्य सोनू ने गुरुवार को ‘झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली-2026’ के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके जरिए राज्य के करीब सात लाख लोगों को अपने अनियमित भवनों को वैध कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

यह योजना उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्होंने किसी कारणवश अपने मकान का नक्शा पास नहीं कराया था। नियमावली के तहत 300 वर्गमीटर तक क्षेत्रफल और 10 मीटर तक ऊंचाई वाले भवनों का नियमितीकरण किया जा सकेगा। जी प्लस 2 तक के आवासीय भवन भी इसके दायरे में आएंगे।

नगर विकास मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि पिछले 25-26 वर्षों में अनियमित भवनों के नियमितीकरण के कई प्रयास हुए, लेकिन लोगों की भागीदारी सीमित रही।

उन्होंने कहा कि सरकार इस बार एक 'लिबरल पॉलिसी' लेकर आई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने लोगों से पोर्टल पर आवेदन कर भवनों का नियमितीकरण कराने की अपील की।

नगर विकास सचिव सुनील कुमार ने बताया कि नियमितीकरण नियमावली को राज्य कैबिनेट से 15 अप्रैल को मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया आसान बनाई गई है।

आवासीय भवनों के नियमितीकरण के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपये और व्यावसायिक भवनों के लिए 20 हजार रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। यह राशि तीन किस्तों में जमा की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि पहले भी नियमितीकरण की योजनाएं लाई गई थीं, लेकिन वे अपेक्षित रूप से सफल नहीं हो पाईं।

इस बार सरकार शहरी क्षेत्रों में व्यवस्थित विकास और भवनों के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने पर जोर दे रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन, जल निकायों (टैंक बेड), पार्किंग स्पेस और सीएनटी- एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर बनाई गई इमारतों को किसी भी हाल में वैध नहीं किया जाएगा।

साथ ही, कोर्ट में लंबित विवादित संपत्तियों को भी इस राहत से बाहर रखा गया है।

बता दें कि झारखंड कैबिनेट ने पिछले महीने ‘झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग रूल, 2026’ को मंजूरी दी थी।

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