मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:32 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड: 24 राज्यों में 274 साइबर अपराध को अंजाम देने वाले गिरोह का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
झारखंड: 24 राज्यों में 274 साइबर अपराध को अंजाम देने वाले गिरोह का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बैंक खातों के जरिए देशभर में लोगों को ठगने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के खिलाफ देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 274 शिकायतें दर्ज हैं। मामले का खुलासा तब हुआ, जब गृह मंत्रालय की “आई फोर सी” परियोजना के तहत संचालित ‘प्रतिबिम्ब पोर्टल’ पर एक संदिग्ध बैंक खाते में असामान्य लेनदेन की जानकारी सामने आई।

भारतीय स्टेट बैंक के एक करंट अकाउंट पर नजर गई, जिसके जरिए लगातार अलग-अलग राज्यों से रकम जमा की जा रही थी। सूचना मिलते ही एसपी मुकेश लुनायत के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और तकनीकी निगरानी शुरू हुई। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, एक परत दर परत खुलती चली गई। पता चला कि ‘गणेश इंटरप्राइजेज’ के नाम से एमएसएमई परियोजना के तहत खुलवाया गया यह खाता असल में ठगी के पैसे इकट्ठा करने का माध्यम था।

पुलिस ने छापेमारी कर राहुल गुप्ता (37), रवि कुमार वर्मा (34), रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना (40) और सोनू कुमार झा (34) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि खाते खोलने से लेकर उसे ऑपरेट करने तक एक सुनियोजित तंत्र काम कर रहा था।

कुछ आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते खुलवाते थे, जबकि अन्य सदस्य ओटीपी, मोबाइल बैंकिंग और खातों की डिटेल्स व्हाट्सएप व टेलीग्राम ग्रुप के जरिए देशभर के साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे।

पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बड़े पैमाने पर ठगी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके राष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें