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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:10 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड विधानसभा : सदन में ईटखोरी को अनुमंडल बनाने की मांग, विशेष सचिवों के वेतनमान पर भी उठा सवाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
झारखंड विधानसभा : सदन में ईटखोरी को अनुमंडल बनाने की मांग, विशेष सचिवों के वेतनमान पर भी उठा सवाल

रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन सोमवार को कई अहम मुद्दे सदन में उठे। सिमरिया विधायक कुमार उज्ज्वल ने चतरा जिले के ईटखोरी प्रखंड को अनुमंडल बनाने की मांग रखी, वहीं विधायक नीरल पूर्ति ने विशेष सचिवों के वेतनमान से जुड़ा मामला उठाया।सिमरिया विधायक कुमार उज्ज्वल ने सदन में कहा कि ईटखोरी प्रखंड भौगोलिक क्षेत्र, जनसंख्या और प्रशासनिक जरूरतों के हिसाब से अनुमंडल बनने की सभी शर्तें पूरी करता है। उन्होंने बताया कि ईटखोरी में प्रसिद्ध मां भद्रकाली मंदिर स्थित है, जहां हर साल राजकीय महोत्सव आयोजित होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे प्रशासन और पुलिस पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में यदि ईटखोरी को अनुमंडल का दर्जा मिल जाता है, तो प्रशासनिक व्यवस्था संभालना काफी आसान हो जाएगा और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2012 में तत्कालीन उप विकास आयुक्त की ओर से इस संबंध में एक पत्र भी भेजा गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।इस पर जवाब देते हुए मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि फिलहाल राज्य सरकार की उच्चस्तरीय कमेटी के पास ईटखोरी को अनुमंडल बनाने का कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है। उन्होंने बताया कि किसी क्षेत्र को अनुमंडल का दर्जा देने के लिए जिला उपायुक्त की अनुशंसा के बाद आयुक्त के माध्यम से प्रस्ताव मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी को भेजा जाता है। कमेटी की अनुशंसा के बाद ही सरकार इस पर अंतिम निर्णय लेती है।मंत्री ने सदन में विधायक से कहा कि वे जिला प्रशासन और आयुक्त के माध्यम से प्रस्ताव सरकार तक भेजवाएं। इस पर विधायक कुमार उज्ज्वल ने आश्वासन दिया कि वे इस प्रक्रिया को जिला स्तर से आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।इसी दौरान विधायक नीरल पूर्ति ने झारखंड प्रशासनिक सेवा नियमावली 2015 में संशोधन और विशेष सचिवों के वेतनमान से जुड़े मुद्दे को सदन में उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या विशेष सचिवों के लिए ग्रेड पे 10,000 यानी लेवल-14 सुनिश्चित करने के लिए नियमावली में संशोधन करने का कोई प्रस्ताव है।इस पर राज्य के संसदीय कार्य सह वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि फिलहाल झारखंड प्रशासनिक सेवा के तहत उप सचिव, संयुक्त सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारी एक ही वेतनमान और श्रेणी में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में निदेशक प्रमुख और इंजीनियरिंग विभाग में अभियंता प्रमुख का ग्रेड पे 10,000 है, जो लेवल-14 के अंतर्गत आता है।मंत्री ने बताया कि इस मामले में संबंधित विभागों से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या निदेशक प्रमुख और अभियंता प्रमुख के पद विशेष सचिव के समकक्ष माने जा सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि इन पदों को लेवल-14 की मान्यता प्राप्त है तो अन्य विभागों में कार्यरत विशेष सचिवों को भी उसी आधार पर लेवल-14 पर प्रोन्नत करने और समान वेतनमान देने पर सरकार विचार करेगी।

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