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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:35 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड विधानसभा सत्र : विधायक अरूप चटर्जी ने उठाया 63 अफसरों की सेवा संपुष्टि का मामला

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
झारखंड विधानसभा सत्र : विधायक अरूप चटर्जी ने उठाया 63 अफसरों की सेवा संपुष्टि का मामला

रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही अल्पसूचित प्रश्न के तहत विधायक अरूप चटर्जी ने नगर विकास विभाग का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि जेपीएससी (सातवीं, आठवीं और नवमीं) की ओर से नियुक्त 63 अधिकारियों की सेवा संपुष्टि चार साल बाद भी नहीं हुई है। जबकि नियमानुसार दो साल में सेवा संपुष्टि हो जानी चाहिए।विधायक ने यह भी कहा कि सेवा संपुष्टि लंबित रहने से वेतन और अन्य सुविधाओं से जुड़े मामले प्रभावित हो रहे हैं। इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जवाब दिया कि सेवा संपुष्टि की समय-सीमा दो वर्ष है, लेकिन कुछ प्रमाण-पत्रों की जांच में देरी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग. जल्द ही नियमावली बनाकर सभी लंबित मामलों का निपटारा करेगा।सदन में लिट्टिपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने सवाल उठाया कि सरकार के आदेश के बावजूद मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत वर्ष 2024-25 में जारी कई टेंडर लंबे समय तक निष्पादित नहीं हुए।उन्होंने कहा कि 180 दिन की वैधता समाप्त होने के बाद भी इन टेंडरों को रद्द नहीं किया गया। विधायक ने यह भी जानना चाहा कि क्या ऐसे मामलों में शिथिलता बरतने और विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वाले अधिकारियों चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी और अगर हां तो कब तक।इस पर ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने जवाब दिया कि पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है और 30 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।सदन में सड़क, पुल और पुलिया निर्माण में हो रही देरी को लेकर सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। मंत्री के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।

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