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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:19 · नई दिल्ली संस्करण

पलामू में जंगली हाथियों का आतंक, फसल रौंदे, एनएच-39 पर भी मची अफरा-तफरी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पलामू में जंगली हाथियों का आतंक, फसल रौंदे, एनएच-39 पर भी मची अफरा-तफरी

पलामू,। झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। चाईबासा और रामगढ़ में उत्पात मचाने के बाद अब पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) से निकले दो जंगली हाथियों ने सतबरवा प्रखंड के चेतमा और सलैया गांव के ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ गई है।स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार शाम रबदा पंचायत के चेतमा गांव में हाथियों के दल ने खेतों में खड़ी चना, गेहूं और सरसों की फसलों को रौंद डाला। इसके बाद दोनों हाथी रांची–डालटनगंज मुख्य मार्ग एनएच-39 पर तुंबागड़ा के सेमरटांड इलाके में पहुंच गए, जिससे सड़क पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों में भय का माहौल बन गया।ग्रामीणों ने शोर मचाकर और टीन बजाकर हाथियों को भगाने का प्रयास किया। इसी दौरान एक हाथी सलैया गांव के पास औरंगा नदी पार कर वापस पीटीआर के जंगल में चला गया, जबकि दूसरा हाथी शनिवार को चेतमा और सलैया गांव के समीप जंगल में घूमता हुआ देखा गया, जिससे ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है।चेतमा गांव की निवासी कुमारी सुनीता ने शनिवार को बताया कि हाथियों के गांव में घुसने के बाद पूरी रात लोग जागते रहे। किसी को भी सोने की हिम्मत नहीं हुई। ग्रामीण लगातार शोर मचाकर हाथियों को भगाने की कोशिश करते रहे। उन्होंने बताया कि हाथियों के उत्पात से किसानों को भारी नुकसान हुआ है।इस संबंध में चतरा सांसद के प्रखंड प्रतिनिधि धीरज कुमार ने बताया कि घटना की सूचना रात में ही मनिका वन विभाग को दी गई थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों और ग्रामीणों की सूझबूझ से दोनों हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा गया, हालांकि शनिवार सुबह फिर एक हाथी क्षेत्र के जंगल में नजर आया, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।हाथियों के उत्पात से प्रभावित किसानों ने बताया कि कड़ी मेहनत और मजदूरी के बाद फसल तैयार की गई थी, जिसे हाथियों ने कुछ ही पलों में बर्बाद कर दिया। पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है, साथ ही क्षेत्र में हाथियों की सतत निगरानी की भी अपील की है।

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