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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:18 · नई दिल्ली संस्करण

एमबीबीएस नामांकन में अनियमितताओं पर बाबूलाल मरांडी ने की सीबीआई जांच की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
एमबीबीएस नामांकन में अनियमितताओं पर बाबूलाल मरांडी ने की सीबीआई जांच की मांग

रांची झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर शैक्षणिक सत्र 2025-26 में मेडिकल एमबीबीएस कोर्स के नामांकन में हुई अनियमितताओं की शिकायत की है। उन्होंने पूरी नामांकन प्रक्रिया रद्द कर पुनः काउंसलिंग कराने, दोषियों को बर्खास्त करने और मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी की।मुखंयमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि कुछ अभ्यर्थियों की शिकायत के बाद आईएएस अबु इमरान की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई गई। समिति की रिपोर्ट में पता चला कि सुचारिता दास, काजल भिवानी और एक अन्य अभ्यर्थी के जाति एवं निवासी प्रमाणपत्र गलत थे, जबकि छह अन्य अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए।फर्जी प्रमाण पत्र उपायुक्त गोड्डा एवं गिरिडीह द्वारा निर्गत किया था। साथ ही छह अभ्यर्थियों, जिनका जेसीइसीइबी द्वारा मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के लिए सीटें आवंटित कर दी गई, इनका भी प्रमाणपत्र जाति एवं निवासी प्रमाण-पत्र फर्जी तरीके से बना था, जो राज्य से बाहर के रहने वाले हैं। जेसीइसीइबी ने डाटा शेयरिंग किए बगैर जानबूझकर गड़बड़ियां करने के उद्देश्य से यह गलत कार्य को अंजाम दिया।मरांडी ने आरोप लगाया कि जेसीइसीइबी ने डेटा शेयर किए बिना जानबूझकर गड़बड़ियां कीं, एमसीसी गाइडलाइन (क्लॉज 9 और 11) की अनदेखी की, एनटीए से लिंक किए बिना काउंसलिंग की और फर्जी प्रमाणपत्र वाले अभ्यर्थियों को सीटें दीं। इसके अलावा, 1985 के बाद के झारखंड निवासी नियमों का भी उल्लंघन हुआ।फर्जी प्रमाणपत्र वाले प्रमुख अभ्यर्थियों में आशीष कुमार (बिहार), भाविनी (दिल्ली) के अलावा पप्पू सिंह, सुचारिता दास, काजल भिवानी और मेघा कुमारी शामिल हैं।मरांडी ने कहा कि उचित जांच कर दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।

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