मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:37 · नई दिल्ली संस्करण

रांजाबुरु में फिर भड़का स्थानीय रोजगार आंदोलन, सेल प्रबंधन को ग्रामीणों की अंतिम चेतावनी

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
रांजाबुरु में फिर भड़का स्थानीय रोजगार आंदोलन, सेल प्रबंधन को ग्रामीणों की अंतिम चेतावनी

पश्चिमी सिंहभूम। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा स्थित रांजाबुरु माइंस में स्थानीय रोजगार को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन मंगलवार को फिर उग्र हो गया।खदान प्रभावित गांवों के मुंडा-मानकी, ग्रामीणों और सारंडा विकास समिति ने सेल प्रबंधन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 20 मई तक पूर्व में हुए लिखित समझौते को लागू नहीं किया गया, तो गुवा खदान, लौह अयस्क डिस्पैच और ट्रांसपोर्टिंग को अनिश्चितकालीन बंद कर दिया जाएगा।गंगदा पंचायत के मुखिया राजू शांडिल ने कहा कि स्थानीय लोगों की जमीन और संसाधनों पर बाहरी लोगों का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन और समझौते के बावजूद ठेका कंपनी “मां सरला” द्वारा ड्राइवर, खलासी, झंडा कर्मी समेत अन्य पदों पर बाहरी लोगों की नियुक्ति की जा रही है, जबकि स्थानीय युवा बेरोजगार हैं।ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में आंदोलन के दौरान मंत्री दीपक बिरुवा, प्रशासनिक अधिकारियों, सेल के मुख्य महाप्रबंधक और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी।इसमें खदान प्रभावित 18 गांवों के युवाओं को 75 प्रतिशत रोजगार देने, स्थानीय समिति को कार्य आवंटित करने तथा ट्रांसपोर्टिंग और रैक लोडिंग में स्थानीय भागीदारी सुनिश्चित करने पर सहमति बनी थी।सारंडा विकास समिति और ग्रामीणों का आरोप है कि समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया। प्रशासन और मंत्री के पीए की ओर से वार्ता का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन फिलहाल स्थगित है, लेकिन ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि 20 मई की वार्ता में ठोस निर्णय नहीं होने पर आंदोलन और अधिक उग्र होगा।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें