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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:53 · नई दिल्ली संस्करण

सामूहिक दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास, पाक्सो अदालत ने सुनाया फैसला

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सामूहिक दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास, पाक्सो अदालत ने सुनाया फैसला

रांची। रांची की विशेष पाक्सो अदालत ने दो नाबालिग मौसेरी बहनों से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दोषी सुशील उरांव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला वर्ष 2024 में मांडर थाना क्षेत्र में हुई जघन्य वारदात के मामले में सुनाया गया।अभियोजन के अनुसार, यह घटना 17 अप्रैल 2024 को उस समय हुई थी, जब दोनों नाबालिग मौसेरी बहनें चान्हो थाना क्षेत्र के हूंटार गांव में लगे मेले को देखने गई थीं। उनके साथ दो नाबालिग लड़के भी मौजूद थे। मेला समाप्त होने के बाद चारों एक ही मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे।रास्ते में दोनों नाबालिग, आरोपित लड़कियां को अपने घर ले गए। जब पीड़िताओं ने उन्हें घर छोड़ने की बात कही तो आरोपितों ने कुछ देर बाद छोड़ने का भरोसा दिया। इसके बाद दोनों नाबालिग आरोपितों ने कथित तौर पर दोनों पीड़िताओं के साथ जबरन दुष्कर्म किया।अभियोजन के अनुसार, वारदात के दौरान आरोपितों ने अपने मित्र सुशील उरांव को भी मौके पर बुलाया। इसके बाद सुशील उरांव ने भी एक नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद एक पीड़िता किसी तरह आरोपितों के चंगुल से निकलकर अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।दूसरी पीड़िता को अगले दिन बीजुपाड़ा-खलारी रोड स्थित जंगल से बरामद किया गया, जहां आरोपित उसे मोटरसाइकिल से छोड़कर फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलने पर मांडर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों, पीड़िताओं के बयान और अन्य प्रमाणों के आधार पर अदालत ने सुशील उरांव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में शामिल नाबालिग आरोपितों से संबंधित कार्रवाई किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत अलग से की गई।

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