मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:25 · नई दिल्ली संस्करण

आय से अधिक संपत्ति मामले में बीएसएनएल के पूर्व अधिकारी को तीन साल की सजा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आय से अधिक संपत्ति मामले में बीएसएनएल के पूर्व अधिकारी को तीन साल की सजा

रांची। रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के तत्कालीन तकनीकी अधिकारी राम विनोद सिंह को दोषी ठहराते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि जमा नहीं करने की स्थिति में उन्हें एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।यह मामला वर्ष 1983 से 2007 के बीच का है। उस अवधि में राम विनोद सिंह बीएसएनएल के हजारीबाग कार्यालय में टेलीकॉम मैकेनिकल ऑफिसर (टीएमओ) के पद पर कार्यरत थे। जांच के दौरान यह सामने आया कि उन्होंने अपने सेवा काल में अपनी ज्ञात और वैध आय से लगभग 34 लाख रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की थी।मामले का खुलासा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के दौरान हुआ। इसके बाद सीबीआई ने वर्ष 2007 में राम विनोद सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की। जांच एजेंसी ने उनके कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।सीबीआई की तलाशी कार्रवाई के दौरान 68 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा एजेंसी को चल और अचल संपत्तियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले। जांच के दौरान इन दस्तावेजों का आय के स्रोतों से मिलान किया गया, जिसमें आय और संपत्ति के बीच भारी असमानता पाई गई।मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अदालत में 65 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अभियोजन पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत के समक्ष आरोपों को साबित किया। सभी पक्षों की दलीलों और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने राम विनोद सिंह को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें