मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:22 · नई दिल्ली संस्करण

चार श्रम संहिताओं के विरोध में एआईटीयूसी और बीएसएसआर सहित कई संगठनों ने किया प्रदर्शन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
चार श्रम संहिताओं के विरोध में एआईटीयूसी और बीएसएसआर सहित कई संगठनों ने किया प्रदर्शन

पूर्वी सिंहभूम। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में 12 फरवरी 2026 को आयोजित राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का असर जमशेदपुर में व्यापक रूप से देखने को मिला।अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) के नेतृत्व में साकची स्थित आलमबाग मैदान से एक विशाल जुलूस निकाला गया, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जुबली पार्क स्थित उपायुक्त कार्यालय गेट तक पहुंचा। जुलूस और धरना कार्यक्रम में बिहार झारखंड सेल्स प्रतिनिधि यूनियन, भारतीय चिकित्सा एवं विक्रय प्रतिनिधि महासंघ, अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन तथा संयुक्त किसान मोर्चा समर्थित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।बिहार झारखंड सेल्स प्रतिनिधि यूनियन के आह्वान पर जिले के लगभग 800 चिकित्सा एवं विक्रय प्रतिनिधियों ने एक दिवसीय हड़ताल रखी और धरना में शामिल हुए।प्रदर्शनकारियों ने चारों श्रम संहिताओं को अविलंब रद्द करने, कॉरपोरेट समर्थक नीतियों को वापस लेने तथा मजदूर-किसान एकता के समर्थन में जोरदार नारे लगाए।एआईटीयूसी के सचिव राजकुमार ने कहा कि 29 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नई श्रम संहिताएं लागू करना श्रमिक हितों के खिलाफ है और इससे मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा कमजोर होगी।धरना सभा को यूनियन के जिला अध्यक्ष यशवंत देश मौली, राज्य सचिव पीयूष गुप्ता तथा जिला सचिव विनय कुमार ने संबोधित किया।वक्ताओं ने वर्ष 1976 के सेल्स प्रमोशन कर्मचारी (सेवा शर्त) अधिनियम को समाप्त किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की और इसे पुनः बहाल करने की मांग की।उन्होंने न्यूनतम मजदूरी की स्पष्ट परिभाषा तय करने, आठ घंटे कार्यदिवस सुनिश्चित करने तथा निश्चित अवधि रोजगार व्यवस्था पर पुनर्विचार की भी मांग उठाई।कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा गया और श्रम संहिताओं की प्रतियां प्रतीकात्मक रूप से जलाकर विरोध दर्ज कराया गया। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें