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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:14 · नई दिल्ली संस्करण

बोकारो की लापता युवती मामले में हाई कोर्ट ने देखी डीएनए रिपोर्ट, राज्य सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
बोकारो की लापता युवती मामले में हाई कोर्ट ने देखी डीएनए रिपोर्ट, राज्य सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

रांची। बोकारो जिले की लापता 18 वर्षीय युवती से जुड़े बहुचर्चित मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने गुरुवार को महत्वपूर्ण सुनवाई करते हुए कोलकाता स्थित केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) से प्राप्त डीएनए जांच रिपोर्ट का अवलोकन किया। रिपोर्ट लापता युवती के माता-पिता के डीएनए नमूनों और जंगल से बरामद कंकाल के मिलान के आधार पर तैयार की गई है।मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत डीएनए रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अदालत ने उसे मामले के अनुसंधानकर्ता (आईओ) को सौंप दिया। साथ ही विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट भी जांच अधिकारी को उपलब्ध कराते हुए मामले की जांच आगे बढ़ाने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को मामले में कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। अदालत ने विभागीय कार्रवाई की वर्तमान स्थिति और प्रगति की जानकारी अगली सुनवाई में उपलब्ध कराने को कहा है।सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विनसेंट रोहित मार्की और शांतनु गुप्ता ने पक्ष रखा। मामले के अनुसंधानकर्ता और एसआईटी के सदस्य भी अदालत में उपस्थित रहे।गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में खंडपीठ ने केंद्र सरकार को डीएनए जांच रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इसके अनुपालन में कोलकाता स्थित सीएफएसएल द्वारा तैयार रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। यह रिपोर्ट बोकारो के जंगल क्षेत्र से बरामद कंकाल और युवती के माता-पिता के डीएनए नमूनों के मिलान के आधार पर तैयार की गई है।राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले के मुख्य आरोपित दिनेश महतो को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच के दौरान जंगल क्षेत्र से बरामद कंकाल के संबंध में डीएनए परीक्षण कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट अब न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई है। जांच एजेंसियां रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद बोकारो के पुलिस अधीक्षक ने पिंडराजोड़ा थाना प्रभारी सहित 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इन पर जांच में उदासीनता और लापरवाही बरतने के आरोप हैं।उल्लेखनीय है कि लापता युवती की मां ने पुत्री की बरामदगी और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की थी। युवती 31 जुलाई 2025 से लापता बताई गई थी। इस संबंध में पिंडराजोड़ा थाना में कांड संख्या 147/2025 दर्ज है।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च न्यायालय लगातार इसकी निगरानी कर रहा है। डीएनए रिपोर्ट और एसआईटी जांच की प्रगति के बाद मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है। वहीं पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अदालत ने राज्य सरकार और जांच एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

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