मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:09 · नई दिल्ली संस्करण

घायल हाथी के बच्चे की इलाज के दौरान मौत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
घायल हाथी के बच्चे की इलाज के दौरान मौत

पश्चिमी सिंहभूम। पश्चिमी सिंहभूम जिले के जंगलों में हाथी के बच्चों के मां से बिछड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे उनकी जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ताजा मामला मंझारी थाना क्षेत्र अंतर्गत पप्पागड़ा पंचायत का है, जहां शनिवार रात पेड़ में फंसे एक हाथी के बच्चे को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया था। घायल अवस्था में शिशु हाथी को उपचार के लिए चाईबासा वन कार्यालय लाया गया, लेकिन सोमवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। विभाग की ओर से कराए गए पोस्टमार्टम में खून का थक्का जमना मौत का मुख्य कारण बताया गया है।इसी दिन चाईबासा वन प्रभाग के हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र स्थित सरडीहा जंगल में एक और हाथी का बच्चा झुंड से बिछड़ा हुआ मिला। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर चिकित्सकों की निगरानी में हाटगम्हरिया में रखा है। अधिकारियों के अनुसार बेहतर उपचार और लगातार निगरानी के लिए बुधवार को इस शिशु हाथी को चाईबासा लाया जाएगा।लगातार जंगल क्षेत्रों में हाथी के बच्चों के मिलने और एक की मौत की घटना ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वन अधिकारियों का कहना है कि बदलते मौसम, दुर्गम जंगल मार्गों और प्राकृतिक खतरों के कारण शिशु हाथी अपने समूह और मां से बिछड़ रहे हैं, जिससे उनके घायल होने और मौत की आशंका बढ़ रही है।वन विभाग ने हाथियों के संरक्षण और बचाव कार्यों को लेकर निगरानी और रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कहीं कोई हाथी का बच्चा घायल या अकेला दिखाई दे तो उसे न छुएं और तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते उसे सुरक्षित कर उचित इलाज उपलब्ध कराया जा सके।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें