मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:22 · नई दिल्ली संस्करण

सीआईडी ने डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले में मुख्य आरोपित को जयपुर से किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सीआईडी ने डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले में मुख्य आरोपित को जयपुर से किया गिरफ्तार

रांची। अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी), रांची के साइबर क्राइम थाना ने डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में मुख्य आरोपित योगेश सिंह सिसोदिया को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपित के पास से संबंधित मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री भी बरामद की गई है।साइबर सेल की पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) नेहा बाला ने शनिवार को बताया कि यह गिरफ्तारी उन साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक अहम सफलता है, जो खुद को केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते-धमकाते थे और उनसे बड़ी रकम की ठगी करते थे।उन्होंने बताया कि यह मामला साइबर क्राइम थाना कांड संख्या 118/24, दिनांक 22 अप्रैल 2024 को दर्ज किया गया था। मामला रांची के एक पीड़ित से जुड़ा है, जिसे ठगों ने झांसा देकर 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी का शिकार बनाया था।डीएसपी नेहा बाला के अनुसार, साइबर अपराधियों ने पीड़ित को फोन और वीडियो कॉल के माध्यम से खुद को केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर संपर्क किया। उन्होंने पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी दी और गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर तत्काल पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। भय और मानसिक दबाव में आकर पीड़ित ने आरोपित द्वारा बताए गए पंजाब नेशनल बैंक के खाते में 30 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए।डीएसपी ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लाभार्थियों, हैंडलरों और बैंक म्यूल खातों की पहचान की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से प्राप्त विवरण के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ देशभर में कुल 10 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें