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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:36 · नई दिल्ली संस्करण

टाटा जू की 16 वर्षीय अफ्रीकी शेरनी जोया का निधन, 16 वर्षों तक बनी रही आकर्षण का केंद्र

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
टाटा जू की 16 वर्षीय अफ्रीकी शेरनी जोया का निधन, 16 वर्षों तक बनी रही आकर्षण का केंद्र

पूर्वी सिंहभूम। जमशेदपुर स्थित बिष्टुपुर के टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (टाटा जू) में 16 वर्षीय अफ्रीकी शेरनी जोया का निधन हो गया। बताया गया है कि बढ़ती उम्र और लंबे समय से चली आ रही शारीरिक समस्याओं के कारण उसकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। जू के पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।जोया के निधन की खबर से जू प्रशासन, वन्यजीव प्रेमियों और शहरवासियों में शोक की लहर दौड़ गई है। जू प्रबंधन के अनुसार, जोया का जमशेदपुर से गहरा जुड़ाव रहा। उसे लगभग छह माह की उम्र में दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया से भारत लाया गया था। उसके साथ जम्बो और एड नामक दो अन्य अफ्रीकी शेर भी टाटा जू पहुंचे थे। इसके बाद से वह वर्षों तक जू का हिस्सा बनी रही और आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।जू अधिकारियों के मुताबिक, जोया का स्वभाव शांत था और वह अक्सर अपने बाड़े में सक्रिय दिखाई देती थी। उसकी यही विशेषता उसे बच्चों और पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाती थी। समय के साथ वह केवल एक वन्यजीव नहीं रही, बल्कि जू परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई थी।निधन के बाद नियमानुसार इसकी सूचना वन विभाग और पशुपालन विभाग को दी गई। इसके बाद वन्यजीव विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की संयुक्त टीम की मौजूदगी में शव परीक्षण किया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे। शव परीक्षण के दौरान बिसरा सुरक्षित रखकर भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) भेजा जाएगा, ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके।शव परीक्षण के बाद टाटा जू परिसर में ही शेरनी का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने उसे श्रद्धांजलि दी और उसके साथ बिताए वर्षों को याद किया। जोया के निधन के साथ जमशेदपुर ने अपने सबसे लोकप्रिय और लंबे समय तक साथ रहने वाले वन्यजीवों में से एक को खो दिया है।टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के निदेशक डॉ. नईम अख्तर ने बताया कि जोया काफी उम्रदराज हो चुकी थी और पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख के बावजूद उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि बिसरा जांच रिपोर्ट के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जोया ने अपने जीवन के 16 वर्ष टाटा जू में बिताए और वह यहां आने वाले लाखों आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।

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