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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:01 · नई दिल्ली संस्करण

रिम्स की जमीन को अवैध तरीके से बेचने के मामले में एसीबी ने चार को किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
रिम्स की जमीन को अवैध तरीके से बेचने के मामले में एसीबी ने चार को किया गिरफ्तार

रांची। रिम्स की जमीन को अवैध तरीके से बेचने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है।गिरफ्तार किए गए आरोपितों में रांची के बांधगाड़ी निवासी राजकिशोर बड़ाईक, कार्तिक बड़ाईक, कोकर चौक आदर्श नगर राजेश कुमार झा और चेतन कुमार शामिल है।जानकारी के अनुसार, आरोपितों ने गलत वंशावली तैयार कर व्यक्तिगत लाभ के उद्देश्य से रिम्स की अधिग्रहित भूमि की धोखाधड़ी कर खरीद-बिक्री की। जांच के दौरान दस्तावेजों में हेरफेर और अवैध लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मिलने के बाद कार्रवाई की गई।उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के आदेश पर एसीबी ने मामले में (कांड संख्या 01/2026)प्राथमिकी दर्ज की है। वर्ष 1964-65 में अधिग्रहित की गयी सात एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध तरीके अपार्टमेंट और भवन बनाए गए थे। अधिकारियों, बिल्डरों और भू माफियाओं की भूमिका की जांच का निर्देश उच्च न्यायालय ने दिया था।कोर्ट ने राजस्व विभाग, रांची नगर निगम, निबंधन कार्यालय और आरआरडीए के अधिकारियों की मिलीभगत की जांच के लिए एसीबी को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए थे।दरअसल रिम्स की सात एकड़ से अधिक अधिग्रहित जमीन पर अवैध कब्जा कर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग, दुकानें और पार्क बनाई गई थी। कई फ्लैट बेच भी दिए गये थे। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इन अवैध बिल्डिंगों को तोड़ दिया गया था. उच्च न्यायालय ने रिम्स से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की जांच एसीबी को करने का आदेश दिया था।उल्लेखनीय है किकि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 318/336/338/340/61/49 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13 (2) सहपठित 13(1)(डी) एवं 12 और संशोधित

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