मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं मिलना और महिलाओं की भागीदारी घटाना दुर्भाग्यपूर्ण : सुदेश महतो
रांची। आजसू पार्टी अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने शुक्रवार को कहा कि मंत्रिमंडल का स्वरूप सरकार की सोच, नीति और नीयत को दर्शाता है। मंत्रिमंडल में इस बार भी अनुसूचित जाति समुदाय को प्रतिनिधित्व नहीं मिला। मुख्यमंत्री जी से उम्मीद थी कि राज्य की बड़ी आबादी जो पिछले 50 महीनों से नेतृत्व विहीन है उन्हें सरकार में नेतृत्व मिलेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। यह अति दुर्भाग्यपूर्ण है। झारखंड देश का इकलौता राज्य है, जहां अनुसूचित जाति का एक भी मंत्री नहीं है।
मंत्रिमंडल में राज्य की आधी आबादी का भी प्रतिनिधित्व कम कर दिया गया है। राज्य के इतिहास में पहली बार 12 महिला विधायक चुन कर सदन पहुंची हैं। इनमें आठ महिलाएं विधायक सत्ता पक्ष की हैं लेकिन चंपाई सोरेन मंत्रिमंडल में सिर्फ एक महिला को मंत्री पद दिया गया है। इससे पहले दो महिला मंत्री थीं सरकार ने इस संख्या को बढ़ाने की बजाय आधा कर दिया है।
सरकार के पास महिला सशक्तिकरण को बल देने का सुनहरा अवसर था, लेकिन सरकार की इस मामले में भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके अलावा सरकार ने ओबीसी समाज को आबादी के अनुसार मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया गया है। इन्होंने राज्य की सबसे बड़ी आबादी को छलने का काम किया है। सरकार के मंत्रिमंडल में क्रिश्चियन समुदाय की सहभागिता अभी भी शून्य है। यह सरकार की मानसिकता को दिखलाता है। इनका एक मात्र उद्देश्य बस जनता को ठग कर उनसे झूठे वादे और कभी न पूरे होने वाले सपने दिखा कर उनका मत पाना है। जब उन्हें राजनीतिक जिम्मेदारी देने की बात आती है तो यह सरकार अपने वादे से मुकर जाती है। जनता अब इनके छलावे में आने वाली नहीं। जनता इसका जवाब इस सरकार को सत्ता से बेदखल कर के देगी।





