चुनाव से पहले नक्सल गतिविधियों पर ब्रेक लगाने के निर्देश, कई कुख्यात के बदले जाएंगे जेल
चुनाव से पहले नक्सल गतिविधियों पर ब्रेक लगाने के निर्देश, कई कुख्यात के बदले जाएंगे जेल
रांची: रांची रेंज के आईजी अखिलेश झा ने अपने रेंज के सभी रेंज डीआईजी और रेंज के 8 जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में लोकसभा चुनाव से पहले 8 जिलों में नक्सल गतिविधियों पर पूरी तरह से ब्रेक लगाने, संगठित आपराधिक गिरोह के खिलाफ कार्रवाई और अफीम तस्करी के खिलाफ नकेल कसने को लेकर रणनीति तैयार की गई।
बैठक के दौरान आईजी अखिलेश झा ने लोकसभा चुनाव को लेकर रांची, जमशेदपुर, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, खूंटी, चाइबासा और सरायकेला खरसावां जिले के एसएसपी और एसपी को सबसे पहले नक्सली वारदातों पर ब्रेक लगाने की हिदायत दी है। आईजी के अनुसार चाईबासा में फिलहाल नक्सली एक पॉकेट में जमा हैं जबकि खूंटी, रांची, गुमला, लोहरदगा और जमशेदपुर में वे बेहद कमजोर पड़ चुके हैं ऐसे में जो नक्सली संगठन दोबारा ताकतवर होने की कोशिश कर रहे हैं उन पर नकेल कसने के लिए जिलों के एसपी को बड़े अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। नक्सलियों के खिलाफ सूचना तंत्र को हथियार बनाते हुए कार्रवाई करने की प्लानिंग भी बनाई गई है। बैठक के दौरान विभिन्न जेलों में बंद कुछ कुख्यात अपराधी और उगरवादियों के बारे में भी सूचना साझा की गई। यह वैसे उग्रवादी और अपराधी हैं जो जेल से रहकर ही अपना सल्तनत चला रहे हैं। ऐसे उग्रवादी और अपराधियों को दूसरे जेलों में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।
रांची रेंज में पड़ने वाले कुछ प्रमुख जिले रांची, गुमला, सिमडेगा, चाईबासा, जमशेपदुर और सरायकेला-खरसावां में से कई जिलों की सीमा पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से लगती है। पुलिस अधीक्षकों को यह निर्देश दिया गया है कि वह पड़ोसी राज्यों से समन्वय स्थापित कर नक्सल, अवैध हथियार, ड्रग्स और दूसरे तरह की तस्करी पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाएं। रांची रेंज के सभी पुलिस अधीक्षकों को यह निर्देश दिया गया है कि वह ऐसे अपराधी और नक्सली नेताओं को चिन्हित करें जरूरत हो तो उनके खिलाफ जेल ट्रांसफर का प्रस्ताव भी पारित करवाएं। वहीं जेल से बाहर निकलकर जो उग्रवादी और अपराधी दोबारा अपराध की दुनिया में काम कर रहे हैं उन पर भी नकेल कसने की हिदायत दी गई है।
राष्ट्रीय सागर संवाददाता





