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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:42 · नई दिल्ली संस्करण

ठोस परिणामों की दिशा में भारत-वियतनाम, साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में PM मोदी का भरोसा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ठोस परिणामों की दिशा में भारत-वियतनाम, साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में PM मोदी का भरोसा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की मौजूदगी में हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए। महत्वपूर्ण ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। इसके बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने इन समझौतों की अहमियत बताई।

पीएम मोदी ने तो लाम का स्वागत करते हुए कहा, "राष्ट्रपति तो लैम का भारत में स्वागत है। वियतनाम के राष्ट्रपति बनने के बाद इनका उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल और बिजनेस लीडर्स के साथ आना ये दर्शाता है कि वो हमें कितनी प्राथमिकता देते हैं।

बोधगया से दोनों देशों के साझा संबंधों पर प्रकाश डालते हुए आगे कहा कि इन्होंने भारत की यात्रा की शुरूआत बोधगया से की थी।

यह हमारे दोनों देशों की आध्यात्मिक परंपराओं को दर्शाता है। हम अपने संबंधों को ठोस परिणामों में बदल रहे हैं। भारत और वियतनाम की साझेदारी में विरासत और विकास का महत्व है। पिछले वर्ष जब भारत से बौद्ध अवशेष वियतनाम गए तो उनके दर्शन 1.5 करोड़ से अधिक लोगों ने किए थे, जो वियतनाम की कुल जनसंख्या का 15 फीसदी है।

उन्होंने आगे कहा, "हमारी साझा विरासत को जीवंत रखने के लिए, हम वियतनाम के प्राचीन चम्पा सभ्यता के मी सॉन और न्हान टवर मंदिरों का जीर्णोद्धार कर रहे हैं।

अब हम चम्पा सभ्यता की पांडुलिपियों को भी डिजिटिलाइज करेंगे, और इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करेंगे।"

प्रधानमंत्री मोदी ने मजबूत होते ट्रेड संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "हर क्षेत्र में हमारा सहयोग नए स्तर तक पहुंचेगा। भारत और वियतनाम का द्विपक्षीय व्यापार पिछले 1 दशक में दोगुना होकर 16 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। 2030 तक इसे 25 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए हमने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।बहुत जल्द वियतनाम भारत के अंगूर और अनार का स्वाद लेगा।

हमें बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी लगातार बढ़ रही है।"

दोनों देशों के बीच कई अहम क्षेत्रों में बनी सहमति को लेकर पीएम मोदी ने कहा, "हमारी ड्रग अथॉरिटिज के बीच एमओयू से अब भारत की दवाइयों का वियतनाम में एक्सेस बढ़ेगा। भारत के कृषि, मत्स्य और पशु उत्पाद का भी, वियतनाम तक निर्यात और सुगम होने जा रहा है।

एक्ट ईस्ट पॉलिसी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा," वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और विज़न महासागर का एक मुख्य स्तंभ है।इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी हमारी समझ एक सी है। हम अपनी सुदृढ़ होती हुई रक्षा और सुरक्षा सहयोग से, कानून के राज, शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रति योगदान देते रहेंगे। वियतनाम के सहयोग से भारत, आसियान के साथ अपने संबंधों को भी और व्यापक बनाएगा।"

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