इंडी गठबंधन देश को आगे नहीं बढ़ा सकता : अमित शाह
प्रयागराज,। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने
प्रयागराज के सोरांव में रविवार को एक चुनावी जनसभा में कहा कि इंडी गठबंधन
देश को आगे नहीं बढ़ा सकता। ये अपने बेटे-बेटियों के लिए काम करते हैं।
शरद पवार अपनी बेटी सुप्रिया सुले को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। उद्धव
ठाकरे अपने बेटे आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। ममता अपने
भतीजे को मुख्यमंत्री बनाना चाहती हैं। सोनिया गांधी अपने बेटे राहुल को
प्रधानमंत्री बनाना चाहती हैं।
शाह ने कहा कि इलाहाबाद के युवाओं का
भला केवल प्रधानमंत्री मोदी ही कर सकते हैं। जो नेता अपने बेटे-बेटियों के
लिए ही राजनीति में सक्रिय हैं वह युवाओं का भला कैसे कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ये कुंभ का क्षेत्र है। विरासत की भूमि है। यहां नरेन्द्र
मोदी निषादराज पार्क बना रहे हैं। भारद्वाज ऋषि के आश्रम को विकसित किया जा
रहा है और हनुमान जी के सामने बड़ा कॉरिडोर बनवाया जा रहा है।
उन्होंने
कहा कि कांग्रेस-सपा ने 70 वर्षों तक राम मंदिर को अटकाए रखा। सपा सरकार
ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं। जनता ने मोदी को दूसरी बार प्रधानमंत्री
बनाया। राम मंदिर का केस जीता, भूमि पूजन किया और राम मंदिर की प्राण
प्रतिष्ठा भी कर दी। जब ट्रस्ट वालों ने इंडी गठबंधन के नेताओं का राम
मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का न्योता भेजा, तो ये राहुल बाबा, सोनिया गांधी,
अखिलेश यादव, डिंपल भाभी... गए ही नहीं, क्योंकि ये अपने वोट बैंक से डरते
हैं जबकि भाजपा के लोग किसी से नहीं डरते हैं।
गृहमंत्री ने कहा कि
फारूक अब्दुल्ला और मणिशंकर अय्यर कहते हैं- पाकिस्तान को सम्मान दो
क्योंकि उसके पास एटम बम है, उससे पीओके मत मांगो। राहुल गांधी आज
प्रयागराज की पवित्र धरती पर मैं कह कर जाता हूं, यह पीओके हमारा है, हमारा
रहेगा और हम इसे वापस लेकर रहेंगे।
इंडी गठबंधन पर हमला
करते हुए शाह ने कहा कि जब पत्रकारों ने इंडी अलायंस वालों से पूछा कि आपका
प्रधानमंत्री प्रत्याशी कौन है ? तो उन्होंने कहा, हम बारी-बारी से बन
जाएंगे। अरे राहुल गांधी ये परचून की दुकान नहीं है, ये इतना बड़ा देश है।
देश चलाने के लिए मजबूत प्रधानमंत्री चाहिए, 56 इंच के सीने वाला
प्रधानमंत्री चाहिए। शाह ने इलाहाबाद लोकसभा से भाजपा प्रत्यााशी नीरज
त्रिपाठी को जिताने की अपील करते हुए कहा कि आप लोग नीरज को भी जिताइए,
इससे केशरीनाथ त्रिपाठी का ऋण भी उतर जाएगा।





