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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:54 · नई दिल्ली संस्करण

कैसे बने असरानी 'कॉमेडी किंग'? दो बड़े कलाकारों से मिली प्रेरणा ने बदला था भाग्य

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कैसे बने असरानी 'कॉमेडी किंग'? दो बड़े कलाकारों से मिली प्रेरणा ने बदला था भाग्य

मुंबई। 'हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं' डायलॉग सुनते ही मन में कॉमेडी के उस्ताद कहे जाने वाले असरानी की छवि आंखों के सामने आ जाती है।

भले ही अभिनेता हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी लेटेस्ट फिल्म 'भूत बंगला' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। असरानी अक्षय कुमार के साथ 'हैवान' में भी काम कर चुके हैं जो एक अपकमिंग फिल्म है। 'भूत बंगला' के रिलीज के साथ ही असरानी की कॉमेडी की फैंस जमकर तारीफ कर रहे हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि अभिनेता ने कॉमेडी के गुर कहां से सीखें?

'शोले,' 'चुपके चुपके,' 'बावर्ची,' 'अभिमान,' 'नमक हराम,' और 'परिचय' जैसी फिल्मों में दर्शकों को हंसाने वाले असरानी के लिए कॉमेडी सिर्फ अभिनय नहीं बल्कि इमोशन थे, जिसे सीखने के लिए बहुत लोगों से प्रेरणा ली थी।

वे अपने करियर के शुरुआती दौर में किशोर कुमार, महमूद, और जॉनी वॉकर को देखकर कॉमेडी को समझते थे। अभिनेता किशोर कुमार के बड़े प्रशंसक थे और उनकी फिल्मों की शूटिंग देखकर उन्होंने कॉमिक टाइमिंग का महत्व समझा।

अपने एक इंटरव्यू में असरानी ने जिक्र किया था कि दर्शकों को हंसाने के लिए कॉमिक टाइमिंग को जानना बहुत जरूरी है; अगर उस वक्त डायलॉग बोल दिया तो ठीक, समय निकल जाने के बाद चुटकुला मर जाता है, और यह किशोर कुमार और महमूद से बेहतर कोई नहीं जानता है। पहले कॉमेडी चेहरे बनाकर होती थी लेकिन आज की कॉमेडी बदल गई है और कॉमिक टाइमिंग महत्वपूर्ण हैं।

अभिनेता ने जॉनी वॉकर के साथ एक फिल्म में काम किया था और इस फिल्म के जरिए अभिनेता ने सेट पर काफी कुछ सीखा है।

उन्होंने बताया कि जॉनी वॉकर ऐसे एक्टर थे, जो सुबह 4 बजे उठ जाते थे और व्यायाम करके सीधा सेट पर पहुंचते थे। वे कभी भी शूटिंग पर लेट नहीं पहुंचे और मुझे भी समझाया कि कभी भी प्रोड्यूसर का पैसा दांव पर मत लगाओं। उस दिन के बाद में मैं आज तक किसी भी सेट पर लेट नहीं पहुंचा। अभिनेता के लिए, जॉनी वॉकर एक शिक्षक की तरह थे, जो पर्दे पर कॉमेडी बड़ी सहजता से करते थे, और उनकी कॉमिक टाइम इतनी कमाल थी कि हर सीन शानदार होता था।

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