मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:35 · नई दिल्ली संस्करण

हिमांशु सिंह हत्याकांड : आखिरी फरार आरोपित राघवेंद्र ने भी किया आत्मसमर्पण

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
हिमांशु सिंह हत्याकांड : आखिरी फरार आरोपित राघवेंद्र ने भी किया आत्मसमर्पण

पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर),। जमशेदपुर के बहुचर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में मंगलवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। मामले का अंतिम फरार आरोपित राघवेंद्र बिष्टुपुर थाना पहुंचकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। उसके आत्मसमर्पण के साथ ही इस हत्याकांड में नामजद सभी आरोपित अब पुलिस या न्यायिक हिरासत में पहुंच चुके हैं। पुलिस अब मामले की चार्जशीट तैयार करने और साक्ष्यों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुट गई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार राघवेंद्र ने लगातार चल रही पुलिस कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी अथवा मुठभेड़ की आशंका के बीच आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया। थाना पहुंचने से पहले उसने कुछ पत्रकारों को भी अपने आत्मसमर्पण की जानकारी दी थी। इसके बाद वह सीधे बिष्टुपुर थाना पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले इसी मामले के एक अन्य आरोपित राहुल दुबे ने भी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। अब अंतिम आरोपित के भी कानून के शिकंजे में आने के बाद पुलिस की जांच लगभग पूरी होने की ओर बढ़ गई है।

गौरतलब है कि 27 जून की रात बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर हुए विवाद के दौरान करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह पर धारदार हथियार से हमला किया गया । हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे जमशेदपुर में आक्रोश फैल गया और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे।

हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई थी। घटना में लापरवाही के आरोपों के चलते चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। वहीं, जिस डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर यह घटना हुई थी, उसे प्रशासन ने सील कर दिया था।

जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपित विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा सहित कई अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया। मामले में डीडी बार के संचालक नीरज सिंह को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया । पुलिस ने घटना से जुड़े साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।

अंतिम आरोपित के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस अब मामले की चार्जशीट तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। जांच एजेंसी उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को अंतिम रूप देकर जल्द ही न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी में है। हालांकि, इस बहुचर्चित हत्याकांड को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग और राजनीतिक बयानबाजी का दौर अभी भी जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और विधिसम्मत तरीके से की जा रही है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें