हिमाचल के डॉक्टरों के लिए खुशखबरी, केंद्र ने दी मंजूरी, जानें किस कॉलेज को कितनी मिली सीटें
हिमाचल प्रदेश के 6 मेडिकल कॉलेजों में 320 नई PG सीटें बढ़ेंगी, केंद्र सरकार इसके लिए ₹415 करोड़ देगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को इसकी मंजूरी की घोषणा की। सबसे ज्यादा 91 सीटें IGMC शिमला, टांडा व हमीरपुर में 57-57, मंडी में 55, नाहन में 32 और चंबा में 28 सीटें मिलेंगी। प्रस्ताव 23 जून को भेजा गया था, 6 अक्टूबर को CM सुक्खू ने AIIMS बिलासपुर में चर्चा की थी। इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होगी।

शिमला/नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश में मेडिकल शिक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज शनिवार, 24 अक्टूबर को घोषणा की कि प्रदेश के 6 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 320 नई पोस्ट ग्रेजुएट (PG) मेडिकल सीटों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना के लिए भारत सरकार लगभग 415 करोड़ रुपये का अनुदान देगी। नड्डा ने प्रदेशवासियों को संबोधित अपने वीडियो संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए क्रांतिकारी काम हुए हैं। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये की लागत से अगले पांच वर्षों में देशभर में 10,000 नई मेडिकल सीटें (UG और PG) जोड़ने की योजना को मंजूरी दी है।
हिमाचल को मिली 320 PG सीटें इसी राष्ट्रीय पहल का हिस्सा हैं। जेपी नड्डा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 320 सीटों का कॉलेज-वार बंटवारा इस तरह किया गया है: IGMC शिमला: 91 सीटें (सबसे ज्यादा), डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा (कांगड़ा): 57 सीटें, सरकारी मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर: 57 सीटें, श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज, नेरचौक (मंडी): 55 सीटें, डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज, नाहन (सिरमौर): 32 सीटें, पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, चंबा: 28 सीटें, केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस प्रस्ताव पर बेहद तेजी से काम हुआ है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इसका प्रस्ताव 23 जून को केंद्र को भेजा था। इसके बाद 6 अक्टूबर को AIIMS बिलासपुर के दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनसे इस मुद्दे पर व्यक्तिगत रूप से चर्चा की थी। चर्चा के महज 18 दिन के भीतर ही केंद्र ने सभी 320 सीटों को मंजूरी दे दी।
इन सीटों के बढ़ने से दो बड़े फायदे होंगे। पहला, हिमाचल के MBBS पास युवाओं को PG के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, उन्हें अपने ही राज्य में उच्च शिक्षा का मौका मिलेगा। दूसरा, प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होगी। नड्डा ने कहा कि इन नई सीटों से सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, कैंसर (ऑन्कोलॉजी) और अन्य क्रिटिकल केयर जैसे विभागों में विशेषज्ञ सेवाएं मजबूत होंगी। इससे आम लोगों को अपने घर के पास ही बेहतर इलाज मिल सकेगा। नड्डा ने हिमाचल सरकार से आग्रह किया है कि वह इन 320 सीटों के समयबद्ध सृजन के लिए सभी प्रशासनिक और नियामक औपचारिकताएं जल्द पूरी करे ताकि छात्र और मरीज जल्द से जल्द इसका लाभ ले सकें। साथ ही उन्होंने चंडीगढ़-बद्दी, भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन और राज्य में बन रहे क्रिटिकल केयर ब्लॉक और जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के निर्माण में तेजी लाने की भी अपील की है।
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