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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:34 · नई दिल्ली संस्करण

रांची की जेल में कैदियों की डांस पार्टी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा विस्तृत जवाब

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रांची की जेल में कैदियों की डांस पार्टी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा विस्तृत जवाब

रांची। रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में शराब और जीएसटी घोटाले के आरोपी कैदियों के डांस के वीडियो पर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।

इस प्रकरण पर स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार को पूरे मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए इस घटना को “शर्मनाक” करार दिया और कहा कि जेल जैसे अति-संवेदनशील स्थान में इस तरह की गतिविधियां किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं।

मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को मुकर्रर की गई है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो से जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही उजागर होती है।

अदालत ने राज्य सरकार से यह बताने को कहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस उपाय किए जाएंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले 18 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इसी मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए जेल आईजी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। उस सुनवाई में अदालत ने जेल के भीतर गंभीर आरोपों में बंद कैदियों की डांस पार्टी को लेकर तीखी टिप्पणी की थी और कहा था कि स्थायी जेल अधीक्षक के अभाव में जेल प्रशासन की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े होते हैं।

पूर्व की सुनवाई में अदालत ने जेल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के स्पष्ट आदेश दिए थे कि किसी भी हाल में कैदियों तक मोबाइल फोन, चार्जर या किसी भी प्रकार की नशीली वस्तु न पहुंचे। साथ ही झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) और पुलिस प्रशासन को समय-समय पर औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया था।

अदालत ने यह भी कहा था कि वायरल वीडियो से साफ है कि जेल के भीतर मोबाइल फोन का इस्तेमाल हो रहा था, जो व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है। राज्य सरकार की ओर से उस समय अदालत को बताया गया था कि वीडियो सामने आने के बाद कार्रवाई करते हुए जेलर देवनाथ राम और जमादार विनोद यादव को निलंबित कर दिया गया है।

जांच में यह भी सामने आया था कि डांस की घटना जेल परिसर के एक विशेष हॉल में हुई थी। वायरल वीडियो में दिखे कैदी विधु गुप्ता और सिद्धार्थ सिंघानिया शराब और जीएसटी घोटाले के आरोपी हैं और उस समय जेल में बंद थे।

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