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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:59 · नई दिल्ली संस्करण

अधिवक्ताओं के स्वास्थ्य बीमा पर हाई कोर्ट संतुष्ट, गजट अधिसूचना जल्द जारी करने का निर्देश

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
अधिवक्ताओं के स्वास्थ्य बीमा पर हाई कोर्ट संतुष्ट, गजट अधिसूचना जल्द जारी करने का निर्देश

रांची : झारखंड के अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ उपलब्ध कराने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सोमवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू कर दी गई है और इस संबंध में सरकार द्वारा संकल्प (रेजोल्यूशन) भी जारी किया जा चुका है।

सरकार के इस पक्ष को रिकॉर्ड पर लेते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि यदि उक्त संकल्प की गजट अधिसूचना अब तक प्रकाशित नहीं हुई है, तो उसे शीघ्र जारी किया जाए।

मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जनहित याचिका में उठाई गई मूल मांग अब पूरी हो चुकी है। ऐसे में याचिका को आगे जारी रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। अदालत ने इस टिप्पणी के साथ जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया।

दरअसल, यह जनहित याचिका विदेश कुमार धान की ओर से दायर की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शादाब अंसारी ने अदालत में पक्ष रखते हुए राज्य के सभी अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया था। उन्होंने कहा था कि स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाएं अधिवक्ताओं और उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी के सदस्य अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया कि योजना को लागू करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और इसके तहत पात्र अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

मामले की पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से यह मुद्दा उठाया गया था कि राज्य सरकार ने प्रारंभिक चरण में केवल एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी से जुड़े लगभग 15 हजार अधिवक्ताओं को ही योजना के दायरे में शामिल करने का निर्णय लिया है, जबकि झारखंड में करीब 33 हजार अधिवक्ता कार्यरत हैं। याचिकाकर्ता ने सभी अधिवक्ताओं को योजना का लाभ देने तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी स्वास्थ्य बीमा से जोड़ने की मांग की थी।

इसके जवाब में राज्य सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया था कि एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी के सदस्य सभी अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा। सरकार ने यह भी बताया था कि अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए आवश्यक नीतिगत निर्णय लिए जा चुके हैं और उन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कुछ समय पूर्व राज्य के अधिवक्ताओं के साथ सीधा संवाद किया था। इस दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का आश्वासन दिया था। इसके बाद राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने का निर्णय लिया गया। सरकार के इस निर्णय के तहत एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी से जुड़े लगभग 15 हजार अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई।

उच्च न्यायालय की ताजा टिप्पणी के बाद अब योजना की गजट अधिसूचना जारी होने की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। माना जा रहा है कि इससे योजना के क्रियान्वयन को कानूनी और प्रशासनिक रूप से और अधिक मजबूती मिलेगी तथा राज्य के हजारों अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित हो सकेगा।

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