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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:48 · नई दिल्ली संस्करण

हाई कोर्ट ने निकाय चुनाव मामले में एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

रांची। झारखंड हाई कोर्ट में तीन सप्ताह में राज्य में निकाय

चुनाव की अधिसूचना जारी करने के चार जनवरी 2024 के एकल पीठ के आदेश को रद्द

करने को लेकर राज्य सरकार की अपील (एलपीए) की जल्द सुनवाई का आग्रह सोमवार

को किया गया। न्यायाधीश एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एकल पीठ

के द्वारा पारित आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार कर दिया। साथ ही मामले

की सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है।

मामले में पूर्व पार्षद

रोशनी खलखो सहित अन्य की ओर से हाई कोर्ट में कैविएट दायर कर राज्य सरकार

की अपील पर जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया गया। वहीं सरकार की ओर से

हस्तक्षेप याचिका (आईए) दायर कर एकल पीठ के आदेश पर तत्काल रोक लगाने का

आग्रह किया गया था, जिसे कोर्ट ने नहीं माना।

अपील (एलपीए) में

राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि पिछड़ा आयोग को ही डेडिकेटेड कमीशन के

रूप में नियुक्त कर दिया गया है। यह राज्य के जिलों में ओबीसी की आबादी का

आकलन करेगी और इस संबंध में डाटा राज्य सरकार को उपलब्ध करायेगी। इसके आधार

पर निकाय चुनाव में वार्डों में ओबीसी के लिए आरक्षण दिया जायेगा। इसलिए

निकाय चुनाव पूरा करने के लिए समय दिया जाये। राज्य सरकार ने एकल पीठ के

आदेश पर तत्काल रोक लगाने एवं एकल पीठ के आदेश को रद्द करने का आग्रह हाई

कोर्ट से किया है। अपील में राज्य सरकार ने झारखंड म्युनिसिपल एक्ट के

प्रोविजन का हवाला देते हुए नगर निगम में प्रशासक की नियुक्ति को सही

ठहराया है।

राज्य में नगर निकायों का चुनाव जल्द कराने को लेकर

पूर्व पार्षद रोशनी खलखो सहित अन्य की याचिका को हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति

आनंद सेन की कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था।

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