हाईकोर्ट के जजों को 17 फरवरी को मिल जाएगी अत्याधुनिक लाइब्रेरी

प्रयागराज,
16 फरवरी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जजों को शनिवार को एक अत्याधुनिक
लाइब्रेरी मिल जाएगी। वहीं, ड्रमंड रोड स्थित संग्रहालय में वादों के
निस्तारण के लिए बनाए गए मध्यस्थता केंद्र भी वादकारियों के लिए उपलब्ध हो
जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ इस
लाइब्रेरी और मध्यस्थता केंद्र दोनों का शनिवार को उद्घाटन करेंगे।
यह
लाइब्रेरी सिर्फ जजों के लिए विकसित की गई है। यहां एक साथ 50 जज बैठकर
अध्यन कर सकेंगे। इसके अलावा वीडियो कांफेंसिंग रूम भी बनाया गया है। इस
कांफेंसिंग रूम में बैठकर जज लखनऊ खंडपीठ या दूसरे हाईकोर्ट के जजों से
कानूनी मुद्दों पर वार्ता कर सकेंगे। लाइब्रेरी को पहले के मुकाबले और
विस्तृत रूप दिया गया है। पहले यह लाइब्रेरी जहां भूतल पर ही थी वहीं इसे
तीन फ्ललोर में पूरा विस्तार दिया गया है। यहां तकरीबन डेढ़ लाख जर्नल्स और
एक लाख किताबें उपलब्ध हैं।
उधर, ड्रमंड रोड पर स्थित संग्रहालय
में मध्यस्थता केंद्र का भी उद्घाटन होगा। मध्यस्थता केंद्र पर सुबह 10 बजे
से उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में यूपी की अदालतें
पुस्तक का विमोचन भी होगा।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायमूर्ति डॉ.
चंद्रचूड़ के अलावा सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति
मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायमूर्ति रमेश
सिन्हा, मुम्बई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति देवेंद्र उपाध्याय,
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति अरूण भंसाली, इलाहाबाद और लखनऊ
खंडपीठ के जज, वरिष्ठ अधिवक्ता आदि मौजूद रहेंगे।





