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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:21 · नई दिल्ली संस्करण

हाई कोर्ट में जील इंडिया केमिकल्स के प्रोपराइटर की याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
हाई कोर्ट में जील इंडिया केमिकल्स के प्रोपराइटर की याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

रांची। झारखंड उच्च न्यायालय ने मेसर्स जील इंडिया केमिकल्स, रांची के प्रोपराइटर अजय जालान की ओर से दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

अजय जालान ने पीएमएलए कोर्ट द्वारा उनकी डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने और उनके खिलाफ आरोप गठित किए जाने के आदेश को झारखंड उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा।

क्या है मामला?

मामला मेकान से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से संबंधित है। आरोप के अनुसार, मेकान के मेटालर्जिकल विंग में सीनियर मैनेजर के पद पर तैनात यूएन मंडल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए चेन्नई की शिव मशीन टूल और रांची की जील इंडिया केमिकल्स को कार्यादेश जारी किया था।

इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 30 अक्टूबर 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी को आधार बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में ईसीआईआर दर्ज की।

जांच एजेंसियों के आरोप के अनुसार, मेकान के सीनियर मैनेजर यूएन मंडल ने दोनों कंपनियों को कार्यादेश जारी करने के एवज में करीब 1.65 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी।

पीएमएलए कोर्ट के आदेश को दी चुनौती

इसी मामले में जील इंडिया केमिकल्स के प्रोपराइटर अजय जालान ने पीएमएलए कोर्ट में डिस्चार्ज पिटीशन दाखिल कर खुद को मामले से मुक्त करने की मांग की थी। हालांकि, पीएमएलए कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी और बाद में उनके खिलाफ आरोप भी गठित किए गए।

पीएमएलए कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए अजय जालान ने झारखंड उच्च न्यायालय का रुख किया। उच्च न्यायालय में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें रखीं। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

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