स्वास्थ्य मंत्री ने जेनेटिक अस्पताल मामले में विभागीय जांच के दिए आदेश
रांची। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने जेनेटिक अस्पताल के अमानवीय कृत्य का संज्ञान लिया है। उन्होंने शनिवार को स्वास्थ्य सचिव को तीन दिनों के अंदर मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। विभागीय रिपोर्ट के आधार पर जेनेटिक अस्पताल पर कार्रवाई की जायेगी।इसके पहले झारखंड हाई कोर्ट ने मामले में संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट के जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य सचिव को मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों बूटी मोड़ स्थित जेनेटिक अस्पताल में महिला को नवजात शिशु से अलग करते हुए बंधक बनाने का मामला सामने आया था। महिला के पति की शिकायत पर सीआईडी और सदर अस्पताल की टीम ने महिला को अस्पताल से मुक्त कराया था। खूंटी की रहने वाली महिला ने 28 जून को जेनेटिक अस्पताल में नवजात को जन्म दिया था। तीन मई को अस्पताल प्रबंधन ने नवजात बच्चे को पिता को सौंप दिया और सुनीता को अस्पताल में रख लिया। पीड़ित परिवार के पास अस्पताल की फीस चुकाने के लिये पैसे नहीं थे, जिसके बदले में अस्पताल ने महिला को बंधक बना लिया था।





