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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:56 · नई दिल्ली संस्करण

मालदा में न्यायिक अधिकारियों का उत्पीड़न भाजपा-चुनाव आयोग की साजिश : ममता बनर्जी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मालदा में न्यायिक अधिकारियों का उत्पीड़न भाजपा-चुनाव आयोग की साजिश : ममता बनर्जी

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि मालदा जिले के कालियाचक में सात न्यायिक अधिकारियों के साथ हुआ उत्पीड़न भाजपा और चुनाव आयोग की “संयुक्त साजिश” का नतीजा है। इसका उद्देश्य राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने का रास्ता तैयार करना है।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार दोपहर मुर्शिदाबाद जिले के सागरदिघी में रैली को संबोधित करते हुए कहा, “न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चुनाव आयोग का कर्तव्य है। आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण प्रशासन पर मेरा कोई नियंत्रण नहीं है लेकिन मैं आप सभी से अनुरोध करती हूं कि उकसावे में न आएं। जिन लोगों के नाम न्यायिक प्रक्रिया में हटाए गए हैं, उनकी शिकायतें वास्तविक हैं, यह मैं जानती हूं।

लेकिन अगर आपको मुझ पर भरोसा है, तो उत्तेजित न हों। हमें पश्चिम बंगाल की रक्षा करनी है। यह मत भूलिए कि मालदा की घटना के पीछे भाजपा है और उसे आयोग का सहयोग मिला है। उनका एकमात्र उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को बाधित करना और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करवाना है।”

बिना नाम लिए मुख्यमंत्री ने घटना में आम आदमी उन्नयन पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की संभावित भूमिका की ओर भी इशारा किया।

उन्होंने कहा, “एक तरफ कोई हैदराबाद से आया और दूसरी तरफ एक गद्दार सामने आया, जिसे भाजपा फंडिंग कर रही है। उन्होंने आपको सड़कों को जाम करने और जजों का घेराव करने के लिए उकसाया।

इसका परिणाम क्या हुआ?”

गौरतलब है कि ओवैसी का आधार हैदराबाद में है। वहीं, हुमायूं कबीर को तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किए जाने के बाद अपनी पार्टी एएयूपी बनाने पर “गद्दार” करार दिया गया था।

उन्होंने कहा, “अगर आप नहीं चाहते कि भाजपा पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज हो, तो शांति बनाए रखें। मालदा की घटना ने पश्चिम बंगाल की छवि को धूमिल किया है। नए मुख्य सचिव, जिन्हें चुनाव आयोग ने पहले वाले की जगह नियुक्त किया था, स्थिति को संभाल नहीं पाए। मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि कानून को अपने हाथ में न लें।”

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