राज्यपाल ने फहराया तिरंगा, ली सलामी
रांची,
26 जनवरी । राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को मोरहाबादी
मैदान में तिरंगा झंडा फहराया। उन्होंने परेड की सलामी ली। समारोह को
संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य है।
राज्य की बहुसंख्य जनता कृषि पर निर्भर है। कृषि और किसान दोनों की उन्नति
हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य के सभी किसानों के पास खेती
करने के लिए पर्याप्त सिंचाई के साधन उपलब्ध हों इसके लिए हमारी सरकार के
द्वारा बिरसा सिंचाई कूप योजना के नाम से एक नई योजना प्रारंभ की गई है। इस
योजना के तहत एक लाख कुआं का निर्माण किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि
राज्य में सिंचाई सुविधा का विस्तार करने की दिशा में कुल 49 सिंचाई
योजनाओं का पुनरुद्धार कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिससे लगभग 54 हजार
हेक्टेयर कृषि भूमि पर सिंचाई सुविधा पुनर्बहाल की गयी है। विभिन्न जिलों
में 24 योजनाओं की नहरों का पुनरुद्धार कार्य प्रगति पर है, जिसे अगले वर्ष
में पूर्ण कर अतिरिक्त 42 हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि पर सिंचाई सुविधा
पुनर्बहाल की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि को लाभप्रद
बनाने के उद्देश्य से किसानों को केन्द्र सरकार के जरिये घोषित न्यूनतम
समर्थन मूल्य के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा किसानों को 117 रुपये प्रति
किलो की दर से बोनस भी दिया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और
झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आच्छादित परिवारों को सितम्बर,
2023 से प्रतिमाह 01 (एक) किलोग्राम चना दाल 01 रुपया प्रति किलोग्राम की
अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पीएम जनमन
योजना के माध्यम से जनजातीय समूहों को विशेष रूप से आदिम जनजातीय समूहों
को मूल धारा में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना के तहत आवास,
पीने के स्वच्छ पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, संचार और रोजगार उपलब्ध
कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने
नक्सलवाद को नियंत्रित करने में शानदार उपलब्धि हासिल की है। पुलिस के
आधुनिकीकरण और इसे संसाधन से परिपूर्ण बनाने की दिशा में लगातार प्रयास
किये जा रहे हैं, ताकि पुलिस अपना काम निर्बाध रूप से कर सके। विधि
व्यवस्था को बनाए रखने और अपराध नियंत्रण के लिए सबका तत्पर रहना आवश्यक
है।
राज्यपाल ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में पारिस्थितिकी संतुलन
बनाए रखने और पर्यावरण के संरक्षण के लिए प्रयासरत है। इस क्रम में
मुख्यमंत्री जन वन योजना सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से वर्ष 2023-24 में
लगभग 29 हजार हेक्टेयर भूमि पर दो करोड़ से अधिक पौधे लगाए गये हैं। राज्य
में वनाच्छादन को बढ़ाने का सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने
कहा कि राज्य में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। पलामू व्याघ्र
परियोजना, दलमा और हजारीबाग वन्य प्राणी आश्रयणी में इको-टूरिज्म को बढ़ावा
देने के लिए वहां आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने से राज्य में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से
स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। साथ ही राज्य
सरकार को विकास कार्यों के लिए राजस्व प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने
कहा कि राज्य के गरीबों, पिछड़ों, वंचितों, किसानों और मजदूरों को बेहतर
चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार कृतसंकल्पित है और इस दिशा में
गंभीर प्रयत्न भी कर रही है। देवघर एम्स की स्थापना इस दिशा में एक मील का
पत्थर है। राज्य में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार हुआ है।
राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाई, उपकरण एवं जांच की सुविधा
उपलब्ध है। बड़े पैमाने पर आधारभूत संरचना का विकास किया गया है और कुशल
मानव संसाधन उपलब्ध कराए गये हैं।
राज्य के आदिम जनजाति समुदाय
बाहुल्य ग्रामों के निवासियों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने
के निमित्त वर्ष 2023-24 में चलंत ग्राम क्लीनिक योजना की स्वीकृति दी गई
है। राज्य के नागरिकों को रक्त संबंधी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के
निमित सभी जिलों के ब्लड बैंक में ब्लड कॉम्पोनेन्ट सेपरेशन और सभी जिलों
के 188 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रक्त भण्डारण इकाई की स्थापना की
योजना की स्वीकृति दी गयी है। रांची स्मार्ट सिटी क्षेत्र के तहत पीपीपी
मोड में मल्टी स्पेश्यलिटी अस्पताल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा
है।
उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर
उपस्थित होने वाले तीन से छह वर्ष के सभी बच्चों को ठंड से बचाव और शीतकाल
में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए गर्म पोशाक उपलब्ध करा रही है।
वर्तमान में लगभग 13 लाख बच्चों को गर्म पोशाक दिया जा रहा है। हमारी
सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के बच्चों को बेहतर
शिक्षा उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है।
राज्यपाल ने कहा कि
आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगिता परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए
झारखंड के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की
सोच के साथ 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की शुरूआत की गयी है। इसके साथ
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, एकलव्य विद्यालयों सहित अन्य विद्यालयों
के माध्यम से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने
कहा कि उच्च शिक्षा के विकास एवं प्रसार के लिए अब तक 54 नये
महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। साथ ही राज्य में अब तक 18 निजी
विश्वविद्यालय स्थापित हैं। इसमें 15 विश्वविद्यालयों में पठन-पाठन का
कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के वैसे छात्र जो 12वीं कक्षा
उत्तीर्ण होने के बाद आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित
रह जाते हैं, उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए गुरुजी स्टूडेंट
क्रेडिट कार्ड योजना संचालित की जा रही है।
इस योजना के तहत
विद्यार्थियों को बैंकों के माध्यम से 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से
अधिकतम 15 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिक्षा
प्रोत्साहन योजना तथा एकलव्य प्रशिक्षण योजना के माध्यम से छात्र-छात्राओं
को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की
जा रही है। इसके अलावा रोजगार, हॉकी खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध
कराने की दिशा में सरकार बेहतर काम कर रही है। सरकार की ओर से 27 हजार
युवाओं को रोजगार मेले आयोजित कर नियुक्ति पत्र दी गयी है।
इस मौके पर मुख्य सचिव और डीजीपी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।





