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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:35 · नई दिल्ली संस्करण

सरहुल का वास्तविक अर्थ वृक्षों और प्रकृति की पूजा करना है : राज्यपाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

रांची । राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि मानव और प्रकृति

का अन्योन्याश्रय संबंध है। सरहुल का वास्तविक अर्थ वृक्षों और प्रकृति की

पूजा करना है। इस पर्व में यह संदेश निहित है कि प्रकृति के बिना मानवजाति

का अस्तित्व नहीं है।

राज्यपाल गुरुवार को सरहुल पर्व के अवसर पर

रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा विभाग की ओर से आयोजित

''सरहुल महोत्सव'' कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा

कि सरहुल हमारे राज्य के अहम त्योहारों में से एक है जिसे देश के अन्य

हिस्सों में भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व जनजाति समुदाय तक

ही सीमित नहीं है, इसे सभी समुदाय के लोग पूर्ण उमंग के साथ मनाते हैं। यह

उत्सव सभी के मध्य आपसी भाईचारे के भावना को और सुदृढ़ करता है।

उन्होंने

कहा कि सरहुल मानवजाति को प्रकृति की रक्षा करने का संदेश देता है। आज

जहां पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती का सामना कर रही है, वहीं

सरहुल जैसे पर्व के संदेश अत्यंत सार्थक हैं। राज्यपाल ने समस्त

राज्यवासियों को सरहुल पर्व और आगामी पर्व ''रामनवमी'' की बधाई एवं

शुभकामनाएं दी।

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