कंधे पर केसरिया ध्वज लेकर अयोध्या के लिए पैदल यात्रा पर निकला छात्र विक्की महतो-सात सौ किलोमीटर की पैदल यात्रा कर अयोध्या पहुंचने का है लक्ष्य
खूंटी,
26 दिसंबर कहा जाता है कि भक्ति की कोई सीमा नहीं होती और कोई
भक्त कुछ करने की ठान ले, तो उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। ऐसे ही जुनून
वाले एक रामभक्त हैं पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड के रेहालबेड़ा
गांव निवासी 18 वर्षीय युवक विक्की महतो, जो कंधे पर केसरिया ध्वज लेकर
भगवान रामलल्ला के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में भाग लेने के लिए अपने गांव
से पैदल ही अयोध्या के लिए निकले हैं।
बीएससी के छात्र विक्की
महतो के मंगलवार की सुबह तोरपा पहुंचने पर मेन रोड स्थित महावीर मंदिर के
पास स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। विक्की महतो के तोरपा पहुंचते ही
पूरा क्षेत्र जय श्रीराम के जयकारे से गुंजायमान हो उठा। स्थानीय
महिला-पुरुषों ने माला पहनाकर अयोध्या के लिए निकले इस युवक का स्वागत
किया। विक्की महतो ने बताया कि युगों की लड़ाई के बाद भगवान श्रीराम अपने
जन्मस्थान पर जानेवाले हैं। इसको देखने की आस लिये कई पीढ़ियां गुजर गईं। अब
जब भगवान श्रीराम की कृपा से उन्हें इस कार्यक्रम को देखने का सौभाग्य
मिला है, तो भला उसे कैसे छोड़ा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि
उन्होंने पहले ही मन में ठान लिया था कि वे मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा
समारोह में भाग लेने के लिए अपने गांव से पैदल ही अयोध्या जायेंगे। इसी
प्रण के साथ वह चार दिन पहले पहले अपने गांव से अकेले ही पैदल यात्रा में
निकल पड़े हैं। उन्होंने बताया कि लगभग सात सौ किलोमीटर की पैदल यात्रा कर
वे अयोध्या पहुंचेंगे और भगवान रामलल्ला के दर्शन करेंगे।
विक्की
महतो सोमवार की रात को तोरपा प्रखंड के तपकारा पहंचे थे। रात्रि विश्राम के
बाद वे मंगलवार को सुबह सात बजे तोरपा पहुंचे। तोरपा नगर भवन में जलपान के
बाद वे खूंटी के लिए निकल गये।





