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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:40 · नई दिल्ली संस्करण

फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आरोप में पंचायत समिति सदस्य पर कार्रवाई की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आरोप में पंचायत समिति सदस्य पर कार्रवाई की मांग

पूर्वी सिंहभूम। बीरसा सेना का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को उपायुक्त से मिलकर एमजीएम थाना क्षेत्र के छोटा बांकी स्थित पंचायत समिति सदस्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान सेना कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया।प्रतिनिधिमंडल में संयोजक संजय हेंब्रम के साथ राजेश पूर्ति, दीपक तिर्की, मंगल सोरेन और अजय लोहरा शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत राम लोहरा ने पलाशबानी पंचायत से अनुसूचित जनजाति (एसटी) आरक्षित सीट पर चुनाव जीतकर पद प्राप्त किया,जबकि वे इस श्रेणी के पात्र नहीं हैं।शिकायत में कहा गया है कि भरत राम लोहरा स्थानीय मूल खतियानधारी नहीं हैं। उनके पिता स्वर्गीय हुरदा लोहरा को केवल सरकारी भूमि का बंदोबस्त मिला था,जिसके आधार पर मानगो अंचल कार्यालय से जाति प्रमाण-पत्र जारी किया गया। प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि यह प्रक्रिया राज्य सरकार के नियमों के विरुद्ध है,जिनके अनुसार एसटी आरक्षण का लाभ उन्हीं को मिल सकता है जो 6 सितंबर 1950 से पूर्व उस क्षेत्र के स्थायी निवासी हों या 1964 के खतियान में उनका नाम दर्ज हो।आरोप में यह भी कहा गया कि भरत राम लोहरा के दादा बुद्धदेव लोहरा उर्फ बुधू कमार मूल रूप से पश्चिम सिंहभूम जिले के मंझारी अंचल के पिल्का गांव के निवासी थे,जहां उनके परिवार का खतियान 'कमार' जाति में दर्ज है, जो ईबीसी-1 श्रेणी के अंतर्गत आती है।बीरसा सेना ने उपायुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए संबंधित पंचायत समिति सदस्य को पद से हटाने,फर्जी दस्तावेज के आधार पर चुनाव लड़ने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

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