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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:56 · नई दिल्ली संस्करण

सरकार की सख्ती के बाद मनोज जारांगे ने खत्म की भूख हड़ताल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

सरकार की सख्ती के बाद मनोज जारांगे ने खत्म की भूख हड़ताल

एक दिन में मनोज जारांगे के खिलाफ कई जिलों में सात मामले दर्ज

मुंबई। उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस के विरोध में बयानबाजी करने के बाद सख्त हुई पुलिस ने सोमवार को मराठा नेता मनोज जारांगे पाटिल के विरुद्ध सात नए मामले दर्ज किए हैं। इसी बीच मनोज जारांगे पाटिल ने आज पिछले कई दिनों से चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर दी है। अगले दो दिन के बाद वे आंदोलन की दिशा तय करेंगे।

मनोज जारांगे ने रविवार को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विरुद्ध विवादित बयानबाजी की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा था कि मनोज जारांगे मराठा समाज के हित के लिए जब तक काम कर रहे थे, सरकार ने उनकी हर मांग को माना है लेकिन मनोज जारांगे की मांग हर बार बदल रही है और अब वे राजनीतिक बयानबाजी करने लगे हैं। इसलिए अब कानून अपना काम करेगा। इसके बाद सोमवार को मनोज जारांगे के विरुद्ध बीड़, जालना आदि जिलों में कुल सात मामले दर्ज किए गए।

इसी बीच मनोज जारांगे के समर्थकों ने राज्य सरकार का विरोध करना चाहा, लेकिन पुलिस की सख्ती को देखते हुए मनोज जारांगे ने सभी को आंदोलन न करने की अपील की और खुद भी अपनी भूख हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। जारांगे ने कहा कि सगे संबंधियों को निजामकालीन दस्तावेज के आधार पर कुनबी जाति प्रमाणपत्र दिए जाने की मांग पर वे अब भी अडिग हैं। इस मांग के समर्थन में वे मराठ समाज से चर्चा करने के बाद दो दिन में आंदोलन की भूमिका स्पष्ट करेंगे।

इस बीच सोमवार को मुंबई में भाजपा ने अपने नेताओं और जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी। बैठक में कहा गया कि क्षेत्र में जाकर लोगों को सच्चाई बताएं। सरकार ने ही मराठा समाज के लिए दस प्रतिशत आरक्षण दिया है। साथ ही मनोज जारांगे अब राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं, इसकी जानकारी भी ग्राउंड स्तर पर बताने का निर्देश भाजपा पदाधिकारियों और विधायकों को दिया गया है।

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