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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:59 · नई दिल्ली संस्करण

जंगली हाथियों का आतंक, फसलें और घर क्षतिग्रस्त

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जंगली हाथियों का आतंक, फसलें और घर क्षतिग्रस्त

पूर्वी सिंहभूम। पूर्वी सिंहभूम जिला के चाकुलिया प्रखंड में मंगलवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे सरडीहा पंचायत के बांकशोल गांव में दो जंगली हाथी घुस आए। रात में गांव में दाखिल हुए हाथियों ने करीब दो घंटे तक जमकर उत्पात मचाया, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।हाथियों के गांव में घुसते ही लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलकर छतों पर चढ़ गए। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में खासा डर देखा गया। ग्रामीण लगातार शोर मचाकर और टॉर्च की रोशनी से हाथियों को भगाने की कोशिश करते रहे, लेकिन हाथी देर रात तक गांव में डटे रहे।इस दौरान हाथियों ने गांव के किसान जीवन चंद्र मुर्मू और चुनू मुर्मू की करेला की तैयार फसल को रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। किसानों के अनुसार फसल कटाई के करीब थी और नुकसान से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। इसके अलावा हाथियों ने निमू रंजन मुर्मू के घर को भी निशाना बनाया, जहां दीवार और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचा। सौभाग्य से इस घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है।ग्रामीणों ने बताया कि काफी देर तक गांव में उत्पात मचाने के बाद दोनों हाथी अंततः पश्चिम बंगाल की सीमा में स्थित चांदुआ जंगल की ओर चले गए। हाथियों के जाने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली और अपने घरों से बाहर निकल सके।घटना की सूचना वन विभाग को दी गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और फसल और संपत्ति के नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमावर्ती इलाका होने के कारण हाथियों का आना-जाना अक्सर बना रहता है, जिससे किसानों और ग्रामीणों को लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

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