रेलवे का ये नियम नहीं जानते 90% लोग, अब एक टिकट पर मिलेगा 2 दिन घूमने का मौका
भारतीय रेलवे के Break Journey Rule के तहत आप एक ही टिकट पर यात्रा बीच में रोक सकते हैं। अगर आपकी टिकट 500 KM से ज्यादा की है, तो 500 KM सफर के बाद आप 1-2 दिन के लिए कहीं भी उतर सकते हैं। 1000 KM से ज्यादा की दूरी पर 2 ब्रेक मिलते हैं। ब्रेक लेने के लिए स्टेशन मास्टर से टिकट पर मुहर (Endorsement) लगवाना जरूरी है। ये सुविधा राजधानी, शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में नहीं मिलती।

अक्सर लंबी दूरी का सफर करते वक्त मन में आता है कि काश रास्ते में पड़ने वाले किसी शहर में एक-दो दिन रुक कर घूम लिया जाए। ज्यादातर लोगों को लगता है कि इसके लिए अलग से टिकट लेनी पड़ेगी, लेकिन भारतीय रेलवे का एक ऐसा नियम है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इस नियम का नाम है - Break Journey Rule। इस नियम के तहत आप अपनी यात्रा को बीच में ही रोक सकते हैं, 2 दिन तक रुक सकते हैं और फिर उसी टिकट पर आगे की यात्रा कर सकते हैं। आपको दूसरा टिकट खरीदने की जरूरत नहीं है। भारतीय रेलवे के नियम के अनुसार, अगर आपकी सिंगल जर्नी टिकट 500 किलोमीटर से ज्यादा की है, तभी आप ब्रेक जर्नी ले सकते हैं।
अगर आपकी यात्रा 500 KM से 1000 KM के बीच है तो आपको 1 बार ब्रेक लेने की सुविधा मिलती है। अगर आपकी यात्रा 1000 KM से ज्यादा है तो आप 2 बार ब्रेक ले सकते हैं। सबसे जरूरी शर्त ये है कि पहला ब्रेक आप तभी ले सकते हैं जब आप अपने शुरूआती स्टेशन से कम से कम 500 किलोमीटर का सफर तय कर चुके हों। मतलब अगर आप दिल्ली से चेन्नई जा रहे हैं और आपकी कुल दूरी 2200 KM है, तो आप 500 KM के बाद कहीं भी उतर सकते हैं। लेकिन अगर आपकी दूरी 400 KM ही है तो ये सुविधा नहीं मिलेगी। आप एक स्टेशन पर अधिकतम 2 दिन तक रुक सकते हैं। इसमें आपके पहुंचने वाला दिन और वहां से निकलने वाला दिन नहीं गिना जाएगा। यानी असल में आपको लगभग 3 दिन का समय मिल जाता है।
उदाहरण के लिए - आप मुंबई से दिल्ली जा रहे हैं। आपने भोपाल (लगभग 700 KM) पर ब्रेक लिया। आप सोमवार को भोपाल उतरे तो मंगलवार और बुधवार आप वहां रुक सकते हैं और गुरुवार को उसी टिकट पर भोपाल से दिल्ली की ट्रेन पकड़ सकते हैं। ये सुविधा अपने आप नहीं मिलती, इसके लिए आपको टिकट पर मुहर लगवानी पड़ती है। जब आप बीच के स्टेशन पर उतरें तो सीधे स्टेशन मास्टर के पास जाएं। उनसे अपनी टिकट पर Endorsement करवाएं। वो आपकी टिकट पर स्टेशन का कोड, तारीख और अपने साइन करेंगे। अगर आपने ऐसा नहीं किया तो आगे की यात्रा में आपको बिना टिकट माना जाएगा और जुर्माना लग सकता है।
ये नियम सभी ट्रेनों पर लागू नहीं होता। राजधानी, शताब्दी, जन शताब्दी, वंदे भारत, दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों में जिनका किराया Point-to-Point होता है, उनमें ब्रेक जर्नी की सुविधा नहीं मिलती। साथ ही अगर आपकी टिकट रिजर्व है तो आप रिजर्व हिस्से के खत्म होने से पहले ब्रेक नहीं ले सकते। और अगर आप सिर्फ कनेक्टिंग ट्रेन पकड़ने के लिए 24 घंटे से कम रुकते हैं तो उसे ब्रेक जर्नी नहीं माना जाएगा। तो अगली बार जब लंबा सफर करें और रास्ते में किसी शहर को एक्सप्लोर करने का मन हो तो इस नियम का फायदा जरूर उठाएं।
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