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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

कोयला घोटाला जांच में ईडी सख्त, एलबी सिंह की पत्नी समेत पांच को समन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कोयला घोटाला जांच में ईडी सख्त, एलबी सिंह की पत्नी समेत पांच को समन

रांची। झारखंड के धनबाद में अवैध कोयला खनन, तस्करी और कथित लेवी वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह अनिल गोयल से जुड़े लोगों से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है। एजेंसी ने एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह, उनके भाई विश्वविजय सिंह और साले रंजीत कुमार सिंह समेत पांच लोगों को समन जारी किया है।

ईडी ने आरती सिंह को 20 अगस्त को अपने क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। विश्वविजय सिंह को 14 अगस्त और रंजीत कुमार सिंह को 17 अगस्त को पेश होने के लिए कहा गया है। अनिल गोयल से जुड़े शब्बीर आलम और महेंद्र सिंह को भी अगले सप्ताह पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

ईडी की यह कार्रवाई 28 जुलाई को धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में की गई व्यापक तलाशी के बाद सामने आई है। उस दौरान एजेंसी ने कोयला कारोबारी एलबी सिंह, अनिल गोयल और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों समेत कुल 31 ठिकानों पर तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान एलबी सिंह से जुड़े करीब 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज किया गया था।

इसके अलावा करीब 1.02 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी, डिजिटल उपकरण और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए थे। एजेंसी को 200 से अधिक चल-अचल संपत्तियों से संबंधित सेल डीड और अन्य दस्तावेज भी मिले थे।

ईडी के अनुसार, बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

एजेंसी को संदेह है कि अवैध कोयला कारोबार से अर्जित रकम का इस्तेमाल चल और अचल संपत्तियां खरीदने तथा निवेश करने में किया गया। कथित तौर पर अपराध से अर्जित रकम को विभिन्न वित्तीय लेन-देन और संस्थाओं के जरिए वैध स्वरूप देने का प्रयास किया गया।

यह जांच झारखंड पुलिस की ओर से दर्ज कई प्राथमिकी और आरोपपत्रों के आधार पर चल रही है।

इन मामलों में धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन, चोरी के कोयले की तस्करी तथा कोयला लोडिंग के नाम पर रंगदारी और अवैध लेवी वसूली के आरोप हैं।

ईडी इससे पहले नवंबर 2025 में भी इस मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर तलाशी ले चुकी है। 28 जुलाई की कार्रवाई के बाद अब परिवार और कारोबारी नेटवर्क से जुड़े लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जाना जांच के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है।

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