झारखंड हाई कोर्ट से सीए की अग्रिम जमानत पर ईडी को जवाब दाखिल करने के लिए मिला अंतिम मौका
रांची,। झारखंड हाई कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपित
जेल में बंद ग्रामीण विकास विभाग के निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम से
जुड़े मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट हृदयानंद तिवारी की अग्रिम जमानत
याचिका की सुनवाई शनिवार को हुई। मामले में ईडी ने दो सप्ताह का समय जवाब
दाखिल करने के लिए मांगा। कोर्ट ने ईडी को जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम
मौका देते हुए मामले की अगली सुनवाई 26 जुलाई निर्धारित की है।
इससे
पूर्व भी ईडी की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह के समय की मांग
की गई थी।दरअसल, ईडी ने टेंडर कमीशन घोटाले में 22 फरवरी, 2023 को वीरेंद्र
राम को गिरफ्तार किया था। इनके तीन सहयोगियों नीरज मित्तल, ताराचंद गुप्ता
एवं राम प्रकाश भाटिया को भी ईडी ने इस मामले में गिरफ्तार किया है।
हृदयानंद तिवारी ने ही चार्टर्ड अकाउंटेंट मुकेश मित्तल से वीरेंद्र राम को
मिलवाया था। मुकेश मित्तल के ऑफिस में हृदयानंद तिवारी काम करता था।
ईडी
की टीम ने वीरेंद्र राम की 39.28 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की
थी। जब्त की गई संपत्ति वीरेंद्र ने टेंडर में कमीशन से उगाही अर्जित की
है। 22 फरवरी, 2023 को वीरेंद्र राम के आवास पर छापेमारी के दौरान उसके
रांची के अशोक नगर स्थित आवास से ईडी ने वीरेंद्र राम को गिरफ्तार किया था।
वीरेंद्र राम के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान ईडी को करीब 40 लाख से अधिक
के कैश एवं डेढ़ करोड़ के आभूषण मिले थे। ईडी ने उनके करीब एक दर्जन
लग्जरी वाहन भी बरामद किया था। ईडी की पूछताछ में उसके पास से 125 करोड़ की
चल-अचल संपत्ति की जानकारी मिली थी।





