कोयलें के डस्ट से प्रभावित हो रहे हैं दुमका शहरी एवं ग्रामीण , आस पास के कॉलेज एवं स्कूल के बच्चे
*कोयलें के डस्ट से प्रभावित हो रहे हैं दुमका शहरी एवं ग्रामीण , आस पास के कॉलेज एवं स्कूल के बच्चे के स्वास्थ्य पर पड़ रहा हैं प्रभाव , लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए लगाएंगे सिविल सर्जन से गुहार, आंदोलन जारी*
दुमका । उपराजधानी दुमका के रेलवे स्टेशन पर बने कोयला रैक को हटाने की मांग को लेकर रविवार को लगातार ग्यारवें हफ्ते भी धरना जारी रहा। रविवार को धरने पर बैठे रवि शंकर मंडल ने कहा कि अब कोयला डस्ट से आम लोग प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए आम लोगों के स्वास्थ्य के जांच के लिए सिविल सर्जन को पत्र देकर स्वास्थ्य जांच के लिए अनुरोध किया जाएगा।आंदोलनकारियों का नेतृत्व कर रहे रवि शंकर मंडल ने रविवार को आंदोलन स्थल पर कहा कि दुमका रेलवे स्टेशन पर बने कोयला रैक को जब तक नहीं हटाया जाएगा आंदोलन चलता रहेगा।गौरतलब है कि दुमका रेलवे स्टेशन से कोयला रैक हटाने को लेकर विगत ग्यारह सप्ताह से रेलवे स्टेशन परिसर में धरना प्रदर्शन चल रहा है। रविवार को आंदोलन कारियों ने कोयला रैक हटाओ की तख्ती के साथ प्रदर्शन किया।जिसमें स्थानीय लोगों के साथ कोयला डस्ट से परेशान यात्रियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। धरना स्थल पर श्री मंडल ने कहा कि कोयला रैक अब रसिकपुर वासियों को ही नहीं बल्कि दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज, राजकीय पोलिटेकनिक,एस पी कालेज, आइटीआइ , मेडिकल कॉलेज ही नहीं बल्कि आसपास बने सभी निजी और सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों पर प्रभाव डाल रहा है। इतना ही नहीं रसिकपुर वासियों और ग्रामीण अब बिमारी से पीड़ित हो रहे हैं। आसपास रहने वाले लोगों को अब डस्ट के कारण हमेशा अपने घरों को बंद रखना पड़ रहा है बावजूद घरों के छतों पर काफी डस्ट जमा हो रहा है। जिससे कि अब लोग बीमार भी पड़ रहें हैं। श्री मंडल ने कहा कि जब तक कोयला रैक हटाने के लिए लिखित सूचना नहीं दी जाएगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।इस मामले में लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।यहां बताते चलें कि रेलवे स्टेशन पर बने कोयला रैक से रसिकपुर और आस पास के अनेकों गांव प्रभावित हो रहा है। इधर श्री मंडल ने स्थानीय विधायक, सांसद और राजनीतिक दलों के साथ जिला प्रशासन और रेलवे प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में कोई गंभीर नहीं हो रहा है जबकि यहां के ग्रामीण कोयला रैक से उड़ने वाले डस्ट से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अब आंदोलन तभी रूकेगा जब कोयला साइडिंग हटाया जाएगा।श्री मंडल ने कहा कि बीजीआर कंपनी अपने मुनाफे के लिए सारे नियम कायदों को ताक पर रख कर आम आदमी के जीवन से खिलवाड़ कर रही है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर अभय गुप्ता, ए एन पंडित, हेमंत श्रीवास्तव, संजय मंडल, अरविंद





