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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:32 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड में बोकारो से लापता युवती के मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई डीएनए जांच

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
झारखंड में बोकारो से लापता युवती के मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई डीएनए जांच

रांची। झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर बोकारो के पिंडराजोरा इलाके से लापता युवती से जुड़े मामले में बरामद नरकंकाल की डीएनए जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि बरामद कंकाल और लापता युवती के माता-पिता के डीएनए सैंपल जांच के लिए कोलकाता स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (सीएफएसएल) भेज दिए गए हैं।

हड्डियों की जटिल संरचना और भिन्नता के कारण अंतिम रिपोर्ट आने में अभी करीब 15 दिन और लगेंगे। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने केंद्र सरकार की ओर से दी गई जानकारी के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 जून की तारीख तय की है। उल्लेखनीय है कि बोकारो जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र की रहने वाली 18 वर्षीय युवती 31 जुलाई 2025 से लापता है।

युवती की मां रेखा देवी ने बेटी की तलाश को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पिछले महीने दिनेश कुमार महतो नामक युवक को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने कथित तौर पर शादी का दबाव बनाने के कारण युवती की हत्या करने की बात स्वीकार की थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक कंकाल बरामद किया था।

हालांकि, परिजनों ने शुरू से ही पुलिस के इस दावे पर सवाल उठाए हैं। युवती के परिजनों की ओर से पेश अधिवक्ता विंसेंट रोहित मार्की और शांतनु गुप्ता ने अदालत में कहा कि बरामद कंकाल उनकी बेटी का नहीं है। उनका तर्क है कि कंकाल काफी पुराना प्रतीत होता है और किसी सार्वजनिक स्थान से मिला है, इसलिए उसकी पहचान को लेकर संदेह बना हुआ है।

इसी विवाद को सुलझाने के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है।

इससे पहले 15 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जांच की धीमी रफ्तार और डीएनए जांच में देरी पर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने डीजीपी, एफएसएल निदेशक, बोकारो एसपी और एसआईटी टीम को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

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