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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · दोपहर 3:29 · नई दिल्ली संस्करण

जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक संपन्न

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

मेदिनीनगर। उपायुक्त शशि रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक हुई। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा जारी की गई विशेष केंद्रीय योजना फॉरमेशन एंड प्रमोशन ऑफ फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशंस तथा एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फण्ड को जिले में आरंभ करने के लिए समीक्षा की गई।

गौरतलब है कि उपरोक्त योजना के क्रियान्वयन तथा अनुश्रवण के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में बनाये गए जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति में मुख्य रूप से डीडीसी-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद पलामू, जिला कृषि पदाधिकारी पलामू, जिला उद्यान पदाधिकारी पलामू, जिला पशुपालन पदाधिकारी पलामू, जिला मत्स्य पदाधिकारी पलामू, जिला सहकारिता पदाधिकारी पलामू, सचिव, कृषि उत्पादन बाजार समिति पलामू, प्रबंधक जिला अग्रणी बैंक पलामू, नाबार्ड डीडीएम पलामू, प्रधान वैज्ञानिक के वी के, चियांकी तथा परियोजना निदेशक, आत्मा, पलामू शामिल हैं। केंद्र सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य नाबार्ड व जिला स्तरीय समिति की निगरानी का गठन करना है, जिससे जिले के किसानों को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट व अपना व्यवसाय बढ़ाने में मदद मिल सके। बैठक में नाबार्ड के डीडीएम शालीन लकड़ा ने बताया कि पलामू जिला एक आकांक्षी जिला है तथा कृषि प्रधान क्षेत्र है तथा यहां ज्यादातर किसान वैसे है, जो छोटे स्तर पर खेती करते हैं। ऐसे में उपायुक्त ने सभी विभागों को कृषि तथा सम्बद्ध उत्पाद तथा क्षेत्रों को जल्द से जल्द चिन्हित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने समिति के सभी सदस्यों को निर्देश दिया कि योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ होने के उपरांत, जमीनी स्तर पर स्कीम के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं की पहचान कर उन्हें समिति को उपलब्ध कराएंगे, जिसे राज्य स्तरीय परामर्श समिति को नीतिगत निर्णय के लिए मुहैया कराया जाएगा। समिति और किसानों के हित में समिति द्वारा तय किये गए अन्य मामले को उपायुक्त ने सजगता पूर्वक लेते हुए उन्हें जल्द से जल्द निष्पादित करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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