हजारों लोग तैयार, ट्रेन गायब! कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला, लगाया साजिश का आरोप
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि दिल्ली रैली के लिए विशेष ट्रेनें नहीं दी गईं। पार्टी का कहना है कि हजारों कार्यकर्ता तैयार थे, लेकिन रेल मंत्रालय ने तकनीकी कारण बताकर ट्रेनें रद्द कर दीं। कांग्रेस ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया। भाजपा ने आरोप खारिज किए। रेलवे ने कहा कि रैक की कमी के कारण ट्रेनें नहीं दी जा सकीं। कांग्रेस ने कहा, ट्रेन मिले या न मिले, रैली तय समय पर होगी।

नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली में होने वाली बड़ी रैली के लिए सरकार ने उन्हें विशेष ट्रेनें उपलब्ध नहीं कराई हैं, जबकि हजारों कार्यकर्ता और समर्थक दिल्ली आने के लिए पूरी तरह से तैयार बैठे हैं। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, यह रैली महंगाई, बेरोजगारी और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में आयोजित की जा रही है। पार्टी ने दावा किया है कि देशभर से लाखों लोगों को इस रैली में शामिल होना था, लेकिन अंतिम समय पर ट्रेनों की अनुमति रद्द कर दी गई।
कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमने रेल मंत्रालय से 10 से ज्यादा विशेष ट्रेनों की मांग की थी, ताकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और हरियाणा से कार्यकर्ता दिल्ली आ सकें। पहले मौखिक रूप से हां कहा गया, लेकिन बाद में तकनीकी कारणों का हवाला देकर मना कर दिया गया।" पार्टी का कहना है कि हजारों लोगों ने टिकट के लिए पैसा जमा किया था, कई जिलों में बसों की बुकिंग भी हो गई थी, लेकिन अब उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश बताया।कांग्रेस नेता ने कहा, "अगर सरकार को लगता है कि ट्रेनें न देकर वह भीड़ को रोक लेगी, तो यह उसकी गलतफहमी है। लोग बसों से, निजी वाहनों से और सामान्य ट्रेनों से भी दिल्ली पहुंचेंगे। यह रैली रुकेगी नहीं।"
पार्टी सूत्रों के अनुसार, अकेले उत्तर प्रदेश से 20 हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने दिल्ली आने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। राजस्थान और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग तैयार थे। अब ट्रेन न मिलने से जिला स्तर पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई है। कई जगह कार्यकर्ताओं को रुकना पड़ा है। कांग्रेस का आरोप है कि जब सत्तारूढ़ दल रैली करता है तो उसे रेलवे की तरफ से पूरी मदद मिलती है, लेकिन विपक्ष की रैली के लिए अड़ंगा लगाया जाता है। हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने अभी तक इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सूत्रों का कहना है कि त्योहारी सीजन और पहले से चल रही विशेष ट्रेनों के कारण रैक की कमी है, इसलिए नई ट्रेनें देना संभव नहीं हो पाया।
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "कांग्रेस हमेशा बहाना बनाती है। रैली में भीड़ नहीं जुट रही है, इसलिए अब ट्रेन का मुद्दा बनाकर सहानुभूति लेना चाहती है। सरकार किसी की रैली नहीं रोकती।" कांग्रेस ने साफ किया है कि ट्रेन मिले या न मिले, दिल्ली रैली अपने तय समय पर ही होगी। पार्टी ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे उपलब्ध साधनों से दिल्ली पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल हों। पार्टी अब वैकल्पिक व्यवस्था में जुट गई है। कई राज्यों में बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है और दिल्ली में ठहरने की व्यवस्था भी की जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस विवाद से रैली को और ज्यादा चर्चा मिल गई है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि ट्रेन विवाद के बावजूद कांग्रेस दिल्ली में कितनी भीड़ जुटा पाती है और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।
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