प्रशांत भूषण पर फैसला असहिष्णुता का प्रदर्शन - माकपा
रांची। माकपा की झारखंड इकाई ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को अदालत की अवमानना का दोषी मानते हुए सुप्रीम कोर्ट के तीन सदस्यीय बेंच का निर्णय दूर्भाग्यपूर्ण प्रतीत होता है.माकपा द्वारा जारी एक बयान में प्रशांत भूषण द्वारा किए गए दो ट्वीटस को न्यायालय की प्रतिष्ठा के खिलाफ बताते हुए कोर्ट ने आलोचना के प्रति असहिष्णु और संकुचित रवैया प्रदर्शित किया है जो न्यायपालिका की सुप्रीम संस्था माननीय उच्चतम न्यायालय के लिए उपयुक्त नहीं है। यह फैसला असहिष्णुता और दमन के इस माहौल को और ज्यादा सुदृढ करेगा जहां शासक वर्ग असंतोष और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने के लिए राजद्रोह कानून जैसे कठोर कानूनों का उपयोग कर रहा है। माकपा का मानना है कि न्यायालय को लिए गए अपने फैसले पर पुनर्विचार करना और मामले मे किसी भी सजा का एलान करने से बचना बेहतर होगा।





